कड़ाके की ठंड को देखते हुए बुधवार को डीएम ने सभी कक्षा आठ तक के शिक्षण संस्थानों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया था। आदेश दिया था कि यदि कोई स्कूल खुलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मगर, बृहस्पतिवार को अधिकतर निजी शिक्षण संस्थानों ने डीएम के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया।
इससे वहां बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं अभिभावकों में नाराजगी रही। बुधवार को बीएसए ने ठंड के मद्देनजर डीएम को पत्र लिखकर दो दिन का अवकाश करने की मांग की थी। डीएम ने बीएसए के आदेश पर सभी सरकारी, अर्ध सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी शिक्षण संस्थानों में कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं का दो दिन अवकाश के आदेश जारी किए थे।
बीएसए द्वारा यह आदेश सभी शिक्षण संस्थानों को जारी किए गए। मगर, बृहस्पतिवार को सरकारी, अर्ध सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल बंद रहे जबकि निजी संस्थानों ने आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए स्कूल खोले। हालांकि समाचार पत्रों में समाचार पढ़कर अधिकतर अभिभावकों ने बच्चों को रोक लिया।
मगर, जब स्कूल वाहन बच्चों को लेने पहुंचे तो उन्हें भेजना मजबूरी रहा। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। अभिभावक राजकुमार, सीमा, कल्पना, प्रीति और ओमवीर आदि का कहना था कि ठंड में बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना बनी रहती है। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने में उन्हें भी ठंड का सामना करना पड़ता है।