बुलंदशहर। ढाई करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोपी लखावटी डाकघर के उप डाकपाल की मौत अधिक खून बहने और ब्रेन हेमरेज के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि ट्रेन के आगे कूदने के बाद करीब एक घंटे तक वह ट्रैक पर ही पड़े रहे। इसके चलते काफी खून बह गया था। विभागीय अफसरों ने मामले में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। परिजनों ने दूसरे दिन भी तहरीर नहीं दी।
लखावटी उप डाकघर पर तैनात उप डाकपाल राहुल पर ढाई करोड़ रुपये के जाली टिकट जारी करने और राजस्व के गबन करने का आरोप था। मामले में डाक अधीक्षक के पत्र के आधार पर गाजियाबाद सीबीआई की एंटी करप्शन विंग ने राहुल कुमार समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार सुबह राहुल कुमार नगर के गिरधारी नगर स्थित घर के पास ही रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी के आगे कूद गए थे। इसमें उनका एक पैर कट गया था और सिर व अन्य हिस्सों में चोट आई थी। इसके चलते गंभीर हालत में उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। सुसाइड नोट में राहुल ने जांच टीम और एक ग्राहक को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राहुल कुमार का बायां पैर शरीर से अलग हो गया था, इसके अलावा सिर पर भी गंभीर चोट थी, जिसके चलते अधिक खून बह गया था। सोमवार को भी पीड़ित परिजनों की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। राहुल के चचेरे भाई अमित ने बताया कि शोक में होने के कारण अभी तहरीर नहीं दी गई है।
एक माह में भी पूरी नहीं हुई जांच
आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में राहुल कुमार ने डिबाई डाकघर में भी फर्जी टिकट बिक्री का उल्लेख किया था। अधिकारियों ने भी इसे स्वीकार किया, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी अभी तक जांच ही पूरी नहीं हो सकी है। जबकि लखावटी के मामले में अधिकारियों ने एक माह में जांच करने के साथ ही सीबीआई को शिकायत देकर रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। ऐसे में डाक विभाग के अधिकारियों के साथ जांच टीम पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच में देरी को लेकर अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
उप डाकपाल की मौत अधिक रक्त बहने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को दे दी गई। - डॉ. हरेंद्र बंसल, डिप्टी सीएमओ
उप डाकपाल की मौत और सुसाइड नोट मामले से रीजनल कार्यालय आगरा में उच्च अफसरों को अवगत करा दिया है। जो भी आदेश होंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डिबाई डाकघर की अभी जांच पूरी नहीं हुई है। - युवराज सिंह, डाक अधीक्षक बुलंदशहर