शिव कॉलोनी निवासी गोपाल ने बताया कि पिछले महीने उनकी मां प्रेमवती की भी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद छोटे भाई सोनपाल (30) की पत्नी रेनू अपने मायके में परंपरा के तहत पैर फेरने गईं थीं। सोनपाल वैर रेलवे स्टेशन के पास निजी टिकट काउंटर चलाते थे, जिसके चलते तीन जुलाई को वह अपने काम पर गए थे।
जहां ट्रेन की चपेट में आने से सोनपाल की मौत हो गई, जिसके बाद घर में मातम फैल गया। पति की मौत की सूचना मिलते ही रेनू भी ससुराल आ गईं। पति की मौत के बाद से रेनू बेसुध रहने लगीं और किसी से कुछ बात नहीं कर रही थी। बेटी की हालत देख रेनू की मां संतोष भी उसके पास रुक गई, जिन्होंने रेनू का ढांढस बांधा और संभालने का प्रयास किया, लेकिन रेनू अपने पति की मौत को भूल नहीं पा रही थीं।
मां संतोष ने कहा कि रेनू रोते-रोते बस यह कहती रहती थी कि अब मेरा क्या होगा, मैं कहां जाऊंगी। सोमवार को घर में सभी लोग थे, पुरुष बाहर बैठे थे और घर व मोहल्ले की महिलाएं घर के अंदर थी। तभी दोपहर करीब एक बजे रेनू बिना किसी को बताए अपने कमरे में गई और खुद पर पेट्रोल डाल कर आग ली। वहा पर सो रहे रेनू के भतीजे भरत ने चाची पर चादर डालकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा और शोर मचाया।
आग से झुलसी रेनू बाहर की ओर आ गईं तो महिलाओं ने कपड़े डालकर आग शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद उनको तत्काल खुर्जा के जटिया राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां से उनको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन रेनू को लेकर दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पति की मौत से परेशान होकर महिला ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। महिला को दिल्ली के अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां उसका उपचार चल रहा है। पेट्रोल महिला ने खुद ही बाइक से निकालकर अपने पास रखा था। फिलहाल मामले में किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं आई है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।