जिले के स्कूलों में नौनिहालों के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित ‘आशीर्वाद स्वास्थ्य टीम’ घर से ही बच्चों को ‘आशीर्वाद’ दे रही है।
लापरवाही का आलम यह है कि टीम के सदस्य स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने की बजाए घरों से रिपोर्ट में नौनिहालों को तंदरुस्त कर रहे हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अस्पताल प्रभारियों की मिलीभगत भी शामिल है। इनकी शह पर कई चिकित्सक महीनों से ड्यूटी से नदारद हैं।
ऐसे एक दर्जन से ज्यादा चिकित्सकों की पहचान भी की गई है। अब सीएमओ ने ब्लॉक अस्पतालों के प्रभारियों को तलब किया है।
जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए बनाई गई आशीर्वाद स्वास्थ्य टीमें घर से ही नौनिहालों की फर्जी स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।
कई ब्लॉकों में हालत यह है कि यह टीमें स्कूल में अब तक पहुंची ही नहीं है। जबकि नौनिहालों की फर्जी रिपोर्ट चिकित्सक जरूर सीएमओ तक पहुंचा रहे हैं।
जांच के दौरान सबसे ज्यादा लापरवाही जहांगीराबाद, ऊंचागांव, दानपुर ब्लॉक में देखने को मिली है। इस टीम के कई चिकित्सक सप्ताह में दो से तीन दिन ही ड्यूटी कर है तो कई चिकित्सक ऐसे भी हैं जो पूरे सप्ताह नदारद रहते हैं।
अस्पताल प्रभारियों की सांठगांठ से इनकी फर्जी उपस्थिति भी दर्ज कराई जा रही है। सीएमओ की ओर से कराई गई गोपनीय जांच में ऐसे एक दर्जन से अधिक चिकित्सकों की पहचान कर ली गई हैं।
ऐसे चिकित्सक महीनों से नदारद हैं लेकिन अस्पताल प्रभारियों की कृपा से उनकी हाजिरी जरूरी लग रही है। सीएमओ ने इन अस्पताल प्रभारियों को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
आशीर्वाद टीमों की लगातार शिकायत मिल रही थीं। जांच में गंभीर हालात सामने आई है। कुछ चिकित्सकों को चिह्नित किया गया है। अस्पताल प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ