जहांगीराबाद कोतवाली के बाहर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता।
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जहांगीराबाद। बिजली के जर्जर तारों की चपेट में आकर किसान की मौत से गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर रातभर धरना दिया। भाकियू के मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने कोतवाली के बाहर नारेबाजी करते हुए किसान की मौत के मामले में बिजली निगम अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। मंगलवार सुबह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रौंडा बिजलीघर पर किसानों का धरना देर शाम तक चलता रहा।
गांव नवीनगर निवासी दीप्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसके खेत के ऊपर से बिजली की लाइन गुजर रही है। लाइन काफी जर्जर हो चुकी है और बार-बार कहने के बाद भी तारों को नहीं बदला गया है। जिसके कारण 11 हजार का तार टूटकर एलटी लाइन पर गिर गया। इसके चलते खेत में काम कर रहे उसके पति 38 वर्षीय दिनेश कुमार की मौत हो गई। जबकि मनवीर सिंह बुरी तरह झुलस गया। जब शिकायत के बाद भी पुलिस ने मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो भाकियू अराजनीतिक के मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर कोतवाली पहुंच गए। किसानों ने हंगामा करते हुए बिजली निगम के एसडीओ और जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने भाकियू पदाधिकारियों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
एसपी देहात से फोन पर वार्ता के बाद भी किसान धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। जिसके चलते मंगलवार सुबह कोतवाली में बिजली निगम के एसडीओ शिकारपुर रामकुमार सिंह, जेई अमर सिंह और आशीष यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद किसानों ने कोतवाली से रौंडा बिजलीघर तक पदयात्रा निकाली, जिसके बाद किसान बिजलीघर पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों की मांग है कि रिपोर्ट में दर्ज बिजली अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।
पीड़िता की तहरीर पर एसडीओ, जेई समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नीरज कुमार, कोतवाली प्रभारी
किसान की मौत के बाद भी एफआईआर कराने के लिए कोतवाली पर धरना प्रदर्शन करना पड़ा। अब पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है लेकिन गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए गए हैं। जल्द से जल्द तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए, अन्यथा भाकियू पदाधिकारी प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। - गुड्डू प्रधान, मंडल अध्यक्ष, भाकियू अराजनीतिक