अन्नदाता कहे जाने वाले किसान के साथ सिस्टम का नया खेल सामने आया है। गेहूं खरीद में किसानों को किराए के नाम पर एक ओर जहां दस रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर किसान की जेब से छनाई और उतराई की आड़ में 10 रुपये प्रति क्विंटल निकलवा भी लिए जा रहे हैं। 10 रुपये लेने और देने के खेल में किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है।
जिले में किसानों से 1625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीद की जा रही है। गेहूं खरीद के लिए पीसीएफ, खाद्य विभाग, एफसीआई और यूपी एग्रो ने गांव और नगर क्षेत्र में 95 क्रय केंद्र खोले हैं। समर्थन मूल्य के साथ साथ किसानों को खेत से क्रय केंद्र तक गेहूं लाने का 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया दिया जाना है। शासन ने बाकायदा इस संबंध में गाइडलाइन जारी की हैं।
दूसरी ओर किसानों से केंद्र पर गेहूं की अनलोडिंग और छनाई के रूप में प्रति क्विंटल 10 रुपये की नकद वसूली भी की जा रही है। वसूली का आदेश भी सरकार का है। डीएम के पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं जिसमें कहा गया है कि क्रय केंद्राें पर गेहूं की छनाई-उतराई के 10 रुपये वसूली को लेकर हंगामे की नौबत आ रही है।
किसान छनाई और उतराई की आड़ में 10 रुपये चुकाने से इंकार कर रहे हैं। जो किसान छनाई उतराई का पैसा नहीं चुकाता उस किसान के गेहूं की तौल तक नहीं की जा रही।
यह गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। केंद्रों पर किसानाें से छनाई और उतराई के रुपये मांगने पर सिर फुटव्वल की नौबत आ रही है। इस संबंध में शासन को चिट्ठी भेजी जाएगी और समस्या के समाधान के विषय में पूछा जाएगा। - आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर
किसानों की सुनिए
क्रय केंद्रों पर 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की छनाई और उतराई वसूल रहे हैं। जब सरकारी मुलाजिम 10 रुपये वसूल रहे हैं तो किराए के 10 रुपये देने का ढोंग क्यों क
िया। - छिद्दा सिंह, किसान
छनाई और उतराई से किसान को क्या लेना देना। 10 रुपये नहीं लिए जाने चाहिएं। जो किसान 10 रुपये के हिसाब से भुगतान नहीं करता उसका गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है। -ओमपाल सिंह, किसान
केंद्र पर गेहूं की छनाई उतराई का 10 रुपये किसानों से काटा जाएगा और 10 रुपये गेहूं
लाने का किराया किसानों को दिया जाएगा। इसमें कोई कंफ्यूजन नहीं है। - अविनाश चंद, जिला विपणन अधिकारी