नगर के एक हॉस्पीटल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर दी है। सीएमओ से भी फोन पर मामले की शिकायत की गई है। समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
सिकंदराबाद के मोहल्ला खत्रीबाड़ी निवासी दीपा (21) पत्नी पप्पन साढ़े आठ माह के गर्भ से थी। प्रसव पीड़ा होने के बाद दीपा को बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे नगर के भूड़ स्थित एक हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया। दीपा के पति पप्पन के अनुसार, अस्पताल में भर्ती होने से पहले दीपा को सिर्फ प्रसव पीड़ा थी।।
गेट से अस्पताल तक वह खुद चलकर आई। डॉक्टरों ने जैसे ही दीपा को इंजेक्शन लगाया, उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया। दीपा के मरते ही डॉक्टरों ने कहा कि उसकी तबीयत पहले से खराब थी। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
हंगामे की सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया। दीपा के परिजनों की तरफ से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी गई है। सीएमओ से फोन पर मामले की शिकायत की गई है।