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Bulandshahar News: दस दिन में मिला बेटी को इंसाफ, हत्यारे के अंत से मां के दिल को मिला सुकून

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चोला। बेटी को खोने का गम मां की जिंदगी से कभी कम नहीं होगा लेकिन उसकी हत्या के आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर ने दस दिन से आंसुओं में डूबी मां के दिल को कुछ सुकून जरूर दिया।
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बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी के अंत की खबर सुनकर मां ने भगवान और पुलिस का शुक्रिया अदा किया है। कहा कि उनकी बेटी को दस दिन में ही न्याय मिल गया। अब उनकी बेटी की आत्मा को भी शांति मिलेगी।
मां ने कहा कि वह बेहद गरीब परिवार से हैं। बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बाद वह चाहती थीं कि आरोपी को उसके किए की सजा मिले लेकिन अदालत में मुकदमा लड़ने की उनकी सामर्थ्य नहीं थी।
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मुकदमे में होने वाला खर्च उठाने की स्थिति में वह नहीं हैं। गांव की पृष्ठभूमि से होने के कारण उन्हें कानूनी प्रक्रिया की भी ज्यादा जानकारी नहीं है। बेटी की हत्या के बाद से मां की आंखों के सामने हर समय उसकी तस्वीर घूमती रहती थी।
वह भगवान से यही प्रार्थना करती थीं कि उनकी बेटी के साथ जो अन्याय हुआ है, उसका न्याय भगवान जरूर करेंगे। वह अपनी पीड़ा भगवान के हवाले कर हर दिन बेटी के हत्यारे को सजा मिलने की प्रार्थना करती थीं। रविवार को जब पुलिस मुठभेड़ में आरोपी मोनू के ढेर होने की सूचना मिली तो मां को जैसे विश्वास ही नहीं हुआ।
बेटी के गम में टूट चुकी मां ने कहा कि बेटी तो वापस नहीं आ सकती लेकिन उसके हत्यारे के अंत की खबर ने उनके तड़पते दिल को करार दिया है। अब उन्हें भरोसा है कि उनकी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।
मां ने कहा कि जो लोग बहन-बेटियों के साथ दरिंदगी करते हैं, उनका ऐसा ही अंत होना चाहिए। यदि अपराधियों को अपने किए की सजा मिलने का डर रहेगा तो कोई भी किसी की बेटी की जिंदगी बर्बाद करने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि किसी दूसरी मां को अपनी बेटी को इस तरह खोने का दर्द सहना पड़े।
दस दिन तक बेटी को न्याय मिलने की आस लगाए बैठी मां के लिए रविवार को उसकी मौत का दर्द फिर ताजा हुआ, लेकिन हत्यारे के अंत की खबर ने उनके भीतर एक सुकून भी पैदा किया। बेटी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता, मगर मां को यह संतोष है कि उसकी बेटी के साथ हुई दरिंदगी बेइंसाफ नहीं रही।
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