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डायल 112 की कॉल जल्द ही जिले में भी उठेगी

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डायल 112 की कॉल जल्द ही जिले में भी उठेगी
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बुलंदशहर। डायल 112 पर कॉल ट्रैफिकिंग और रिस्पांस टाइम को बेहतर करने के लिए शासन स्तर ने एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके बाद डायल 112 पर कॉल करते ही जल्द से जल्द पुलिस की गाड़ी पहुंच जाएगी। इस व्यवस्था का कुछ जनपदों में ट्रायल भी प्रारंभ हो चुका है। ट्रायल सफल होने पर जनपद में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
प्रदेश भर में डायल 112 कारगर साबित हो रही है। किसी तरह की सूचना 112 नंबर पर देने के बाद मौके पर पुलिस की गाड़ी पहुंचती है और पुलिसकर्मी मामले की जांच करते हैं और पीड़ित को मदद पहुंचाते हैं। डायल 112 पर कॉल करके जब कोई घटना, दुर्घटना या किसी अन्य तरह की मदद के लिए सूचना देता है तो पहले वह कॉल लखनऊ मुख्यालय पर पहुंचती है। वहां से कॉल को संबंधित क्षेत्र में तैनात गाड़ियों को भेज दिया जाता है। सूचना के बाद डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंच जाती है। जनपद में भी यह व्यवस्था सुचारु है और जनपद में इन गाड़ियों का रिस्पांस टाइम टॉप 15 में शुमार है।
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इसलिए पड़ी पायलट प्रोजेक्ट की जरूरत
गौरतलब है कि डायल 112 की गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ है। कभी-कभी कनेक्टिविटी ठीक से काम नहीं करने और दूर की गाड़ियों को सूचना दिए जाने से घटना स्थल को पहुंचने में वाहनों को समय लग जाता है। इसका एक मुख्य कारण लखनऊ में कॉल ट्रेफिकिंग और वहां डायल 112 पर मौजूद कर्मचारियों को कॉल कर्ता वाले क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का अच्छे से पता नहीं होता है। वह तकनीकि रूप से ही कॉल को ट्रांसफर करते हैं। इस कारण त्वरित मदद करने के लिए शासन ने पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना बनाई है।
ये है पायलट प्रोजेक्ट
पायल प्रोजेक्ट के दौरान डायल 112 लखनऊ पर सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित जिले के कंट्रोल रुम को सूचना दी जाएगी। उक्त कंट्रोल रुम से मौके पर संबंधित वाहन को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि अभी कुछ जिलों में प्रयोग के तौर पर यह योजना शुरू की गई है। जहां के रिस्पांस टाइम में करीब दो मिनट का अंतर सामने आ रहा है।
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जनपद में हैं 53 चार पहिया, 19 दो पहिया वाहन
जनपद को शासन स्तर से 53 चार पहिया और 19 दो पहिया डायल 112 वाहन प्राप्त हुए थे। जिन्हें विभिन्न थानों और चौकी क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
अभी पायलट प्रोजेक्ट योजना का कुछ जनपदों में चयन कर प्रयोग किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो बुलंदशहर समेत अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा। शासन की योजना रिस्पांस टाइम को और भी कम करने की है। जिससे जल्द से जल्द लोगों तक मदद पहुंच सके। - केशव भदौरिया, प्रभारी डायल 112, बुलंदशहर
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