फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुसीबत बने चेक, ई-पेमेंट का बढ़ा चलन

Fri, 09 Dec 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
विज्ञापन
ई-पेमेंट - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद निजी अस्पताल संचालकों को मिलने वाले चेक अब मुसीबत बन रहे हैं। निजी अस्पतालों को मिलने वाले चेक बड़ी संख्या में बाउंस हो रहे हैं। किसी के खाते में पैसा नहीं तो किसी के हस्ताक्षर नहीं मिल रहे हैं।
विज्ञापन


बढ़ी संख्या में चेक बाउंस होने और पर्याप्त मात्रा में लोगों के पास नई करेंसी न आने के कारण निजी अस्पतालों में अब ई-पेमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है। निजी अस्पताल संचालकों ने डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड स्वीकार करने के लिए स्वाइप मशीन लगानी शुरू कर दी है।

गर्ग हॉस्पीटल के संचालक डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि मरीजों की सहूलियत के लिए चेक लेने शुरू किए गए , लेकिन बड़ी संख्या में चेक बाउंस होने लगे। किसी के खाते में पैसा नहीं तो किसी के हस्ताक्षर मैच नहीं करते हैं।
विज्ञापन


शुरू हुई ऑनलाइन पेमेंट
नोटबंदी के बाद व्यापारियों ने ऑनलाइन पेमेंट लेनी शुरू कर दी है। इसके लिए एक स्वर्णकार ने ऑनलाइन पेमेंट लेने के लिए पेटीएम शुरू किया है। नोटबंदी के बाद सरकार के ऑनलाइन पेमेंट के कदम की बुगरासी के एक स्वर्णकार ने शुरूआत की है।

मोहल्ला मंगलवाला स्थित सैफी ज्वैलर्स ने कस्बे में पेटीएम कोड दुकान पर लगा पेमेंट ऑनलाइन करने के लिए ग्राहकों से अनुरोध करना शुरू कर दिया है। स्वर्णकार शाहिद सैफी ने बताया कि स्वर्णकारों के अधिकांश ग्राहक महिलाएं होती हैं।

कस्बा क्षेत्र की बहुत कम महिलाएं स्मार्ट फोन का प्रयोग करती हैं। महिलाओं के बैंक में एकाउंट भी नहीं है। ऐसे में पेटीएम शुरू करने के बावजूद कोई भी ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहा है।

ग्रामीण अंचल में भले ही व्यापारी ऑनलाइन पेमेंट के लिए तैयार होना शुरू हो गए हो लेकिन बैंक एकाउंट नहीं होने तथा स्मार्ट फोन की कमी के चलते अभी ग्राहकों को दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें