नगर के ऊपरकोट निवासी साजिद अली को बैंक में अपना फोन नंबर बदलवाना भारी पड़ गया। गत 29 जुलाई को उसने नंबर बदलवाया और उसी दिन से उसके खाते से अगले चार दिन में कुल 2.62 लाख रुपये से ज्यादा की रकम शातिर साइबर ठगों ने हड़प ली। उसके मैसेज भी किसी अन्य नंबर पर ट्रांसफर कर दिए गए। इसलिए उसे जानकारी देरी से हुई। मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर साइबर टीम को जांच सौंप दी है।
बैंक में फोन नंबर बदलवाना पड़ा महंगा
मोहल्ला गद्दीयान ऊपरकोट निवासी पीड़ित साजिद अली ने तहरीर देकर बताया कि उनका नगर के ही एक निजी बैंक में खाता खुला हुआ है। जिसमें उनका जो पुराना मोबाइल नंबर अटैच था, वह बार-बार बंद हो जाता था। इसी के चलते पीड़ित ने गत 29 जुलाई को बैंक में उक्त मोबाइल नंबर को बदलवाने के लिए बैंक में जाकर संपर्क किया था। पीड़ित ने बैंक में पुराना नंबर बदलवाते हुए नया नंबर दर्ज करा दिया था।
पीड़ित का कहना है कि गत 29 जुलाई को ही उनके खाते से 5 हजार रुपये, 30 जुलाई को 99,985 रुपये, 31 जुलाई को 99,989 रुपये और एक अगस्त को 58 हजार रुपये निकाल लिए गए। अज्ञात शातिरों ने उनके खाते से अज्ञात शख्स ने यूपीआई के माध्यम से कुल 2,62,974 रुपये निकाल लिए गए हैं, जबकि उनका पुराना नंबर बंद हो चुका है और मैसेज किसी अन्य नंबर पर ट्रांसफर हो रहे हैं। मामले में नगर पुलिस ने अज्ञात शातिर साइबर ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी ऋजुल कुमार ने बताया कि मामले में साइबर टीम की मदद से जांच कराई जा रही है।
खाते में फोन नंबर दर्ज कराने के लिए आया लिंक
नगर कोवताली क्षेत्र के मोहल्ला रामा एंक्लेव निवासी कुंजली भारद्वाज को अपना नंबर खाते पर दर्ज कराने के नाम पर एक लिंक आया। जिस पर क्लिक करते ही उनके खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पीड़िता कुंजली भारद्वाज ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि गत 15 मई को वह अपना मोबाइल नंबर खाते से अटैच कराने के लिए ऑनलाइन प्रयास कर रही थीं।
इस दौरान उनके फोन पर एक अज्ञात नंबर से लिंक आया। जिस पर मोबाइल नंबर अटैच करने से संबंधित जानकारी अंकित थी। पीड़िता ने लिंक पर क्लिक कर उसे ओपन करना चाहा। लेकिन, तभी पीड़िता के खाते से एक लाख रुपये अज्ञात शातिर साइबर ठगों ने निकाल लिए। बाद में बैंक जाने पर पीड़िता को मामले की जानकारी हुई। पीड़िता ने इसकी शिकायत थाना पुलिस व बैंक में की। वहीं, अब जांच के बाद नगर पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस तरह करें बचाव...
- इंटरनेट के जरिए पर्सनल जानकारी शेयर करने से परहेज करें.
- अपने मोबाइल पासवर्ड को किसी के साथ शेयर न करें.
- पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं हैं।
- सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हमेशा अपडेट रहें।
- बच्चों के हाथ में कंट्रोल देने से पहले डिवाइस में चाइल्ड लॉक लगा दें।
- आपका मोबाइल अगर कोई और चलाता है तो बैकिंग ऐप पर स्ट्रॉन्ग पासवर्ड जरूर लगाएं।
- कोशिश करें अपनी जानकारी किसी और के साथ शेयर न करें।
-किसी भी अनजान लिंक, साइट या डॉक्यूमेंट को डाउनलोड न करें।
-11 नंबर से फोन आने या अनजान नंबर से कॉल आने पर न उठाने की सीख दें।