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करेंसी का संकट गहराया, दो दिन तक राहत के आसार नहीं

Tue, 06 Dec 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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बंद एटीएम। - फोटो : ब्यूरो
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आम आदमी और बैंक अधिकारियों को कम से कम दो दिन करेंसी की कमी से जूझना पड़ सकता है। दरअसल लीड बैंक अफसर को आरबीआई की ओर से करेंसी को लेकर आश्वासन नहीं मिला है और न ही नजदीकी मंडलों की चेस्ट से भरोसा दिया गया है। ऐसे में कम से कम दो दिन तक बैंकों में मारामारी का माहौल बने रहने के आसार है।
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जनपद में राष्ट्रीयकृत बैंकों की 256 शाखाएं हैं। इन शाखाओं से साढ़े 15 करोड़ रुपये जुड़े हैं। आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद  लोगों को अपना पैसा बैंक से निकालने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। अब तक जैसे तैसे लोगों को कैश बांटा जा रहा था। शुक्रवार को कानपुर की चेस्ट से मंगाए गए 60 करोड़ रुपये ग्राहकों में बांटे जा चुके हैं।

मगर अब स्थिति गंभीर हो चली है। बैंकों के पास करेंसी नहीं है और लोगाें का गुस्सा बढ़ रहा है। लीड बैंक अफसर सतपाल मेहता ने बताया कि आरबीआई को करेंसी की डिमांड के संबंध में इमेल भेजा जा चुका है। आरबीआई से कोई रिस्पांस भी नहीं मिला है।इस संबंध में डीएम को अवगत करा दिया गया है।
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एक भी एटीएम ने नहीं उगले नोट
अवकाश के दिन खाली एटीएम मशीनों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी। नगर में कही भी किसी भी एटीएम में लोगों को कैश नहीं मिला। लोग कैश निकालने के लिए एटीएम तक पहुंचे जरूर लेकिन हताश और लौटे।

ऐसे में आम आदमी बैंक अफसर और सरकार को कोसते नजर आए। कई लोग ऐसे रहे जिन्होेंने दोपहर तक शहर के सभी एटीएम का चक्कर लगा लिया। वे शाम को भी एटीएम में कैश लोड होने का इंतजार करते रहे, मगर उन्हें मायूसी ही हाथ लगी।
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तैयारी बिना सरकार की नोटबंदी ने हर क्षेत्र में परेशानी खड़ी कर दी। सरकार को नोटबंदी से पहले इंतजाम कर लेने चाहिए थे।
-राजेश कुमार
सरकार दावा कर रही है कि जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। बुधवार को अवकाश के दिन एटीएम खाली होने से परेशानी हुई।
 -नरेंद्र चौधरी
शादी का सीजन चल रहा है। कन्यादान के लिए खुले रुपयों की सख्त जरूरत थी, मगर एटीएम से पैसा ही नहीं मिल सका।  
-प्रथ्वीराज सिंह


 
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