सिकंदराबाद। तहसील क्षेत्र के गांव मंडावरा में एमिटी कृषि प्रसार सेवा केंद्र एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा के तत्वावधान में भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर के सहयोग से अरहर की फसल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों के अलावा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
डॉ. नीतू सिंह केंद्र प्रभारी एमिटी कृषि प्रसार सेवा केंद्र ने बताया कि अरहर की दाल में पौषक तत्व होने के साथ ही स्वादिष्ट होने के कारण इसकी बाजार में अधिक मांग है। अरहर की बुआई मई-जून में की जाती है। नवंबर-दिसबंर में फसल तैयार हो जाती है। एक बीघा में करीब दो क्विंटल तक अरहर की दाल का उत्पादन होता है। जिसका बाजार भाव आठ हजार प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा कि अरहर की खेती से किसानों की आय बढ़ेगी, जिससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने दलहनी फसलों की महत्ता, मिट्टी की उर्वरता में उनकी भूमिका, उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
रोशन लाल वरिष्ठ शोध अधिकारी एमिटी कृषि प्रसार सेवा केंद्र ने किसानों को फसलों के चयन, बीज उपचार, सिंचाई, पोषक तत्व प्रबंधन और बाजार संभावनाओं पर जानकारी दी।