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Bulandshahar News: डूबने लगीं खादर की फसलें, 150 मीटर तक कटान

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अहार में इस तरह जारी है गंगा में कटान। संवाद
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा ने इन दिनों रौद्र रूप अपना रखा है। गंगा के पानी से खादर के किसानों की फसलें डूबने लगी हैं। इसके चलते पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही खेतों का काम भी प्रभावित हुआ है।
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अहार क्षेत्र में अभी तक 150 मीटर तक कटान हो गया। अनूपशहर में पानी घाटों को पार कर गया और नरौरा बैराज पर भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा के बढ़ रहे जलस्तर का जायजा लिया।
अहार क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां कटान जारी है और 250 बीघा से अधिक खादर के खेत और फसलों को गंगा ने अपनी जद में ले लिया है। सिद्धबाबा घाट को जाने वाली सड़क का हिस्सा गंगा में समा गया है। प्रशासन ने यहां पर सतर्कता बढ़ा दी है।
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गांव चासी के किसान राजवीर, संजय, राजपाल, नरेश, सत्येंद्र, राजू विद्याधर शर्मा, विजयपाल, ओम प्रकाश और लाला सैनी ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब होने का डर सताने लगा है। सबसे ज्यादा पशुओं के चारे का संकट गहराने लगा है। ऐसे में अब वह पशुओं काे सूखा भूसा खिलाने को मजबूर होंगे।
अनूपशहर में गंगा का जलस्तर और बढ़ गया। पानी आरती स्थल के शनिदेव मंदिर से आगे पहुंचा गया है। बिजनौर बैराज से शनिवार सुबह आठ बजे 1.08 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अगले 24 घंटों में अनूपशहर पहुंचने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा असर तटवर्ती खादर क्षेत्रों पर पड़ा है।
गांव हसनपुर, सिरौरा, तोरई, बच्चीखेड़ा, जाफराबाद और शेरपुर जैसे खादर इलाके के जंगलों में गंगा का पानी फैल गया है। इसके चलते ग्रामीणों के सामने पशुओं को चराने और हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। ड्रेनेज विभाग के एई अमित किशोर ने बताया कि पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्र के लेखपालों को तटीय गांवों और जलस्तर पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं।
वहीं, नरौरा बैराज पर लगातार जलस्तर में वृद्धि होती जा रही है। बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,34,584 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में ही बना हुआ है। बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शनिवार को बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से जल स्तर स्थिर बन हुआ है। बैराज से निकलने वाली एलसीसी नहर में 8,099 क्यूसेक तथा पीएलजीसी नहर में 6,133 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी रिपोर्ट भी लगातार जिला प्रशासन को भेजी जा रही है।
लिया जायजा, बाढ़ चौकी व राहत शिविर किए सक्रिय, घाटों पर बढ़ाई चौकसी
अहार क्षेत्र में गंगा के रौद्र रूप और लगातार कटान की जानकारी मिलने पर अधिकारी शनिवार को जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने भ्रमण कर बाढ़ चौकी व राहत शिविरों को सक्रिय करते हुए घाटों पर चौकसी बढ़ा दी है। सिद्धबाबा घाट पर अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि घाट के पास के क्षेत्रों में लगभग 150 मीटर का कटान पाया गया। गन्ने समेत अन्य फसलें प्रभावित पाई गईं। आबादी क्षेत्र बिलकुल भी प्रभावित नहीं है और न ही सामान्य जन-जीवन पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ा है।
निर्देशित किया गया कि प्रभावित क्षेत्रों का राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा सर्वे कराया जाए और फसल क्षति के संबंध में नियमानुसार राहत राशि का वितरण प्रभावित कृषकों को किया जाए।
एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा ने बताया गया कि राजस्व विभाग के अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी व विकास विभाग के अधिकारी जलस्तर और कटान के संबंध में लगातार दृष्टि रख रहे हैं।
समस्त घाटों पर व नदी के पास वाले क्षेत्रों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनसामान्य को नदी के पास न जाने के लिए सचेत किया जा रहा है।
पुलिस, राजस्व तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगी हुई है। एसडीएम अनूपशहर अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि उक्त क्षेत्रों में भी किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि व मकान क्षति नहीं हुई है। कस्बा अनूपशहर के बबस्टरगंज घाट के जह्नावी द्वार आरती स्थल पर व मस्तराम घाट में सीढ़ियो तक पानी पहुंचा है।

अहार में इस तरह जारी है गंगा में कटान। संवाद

अहार में इस तरह जारी है गंगा में कटान। संवाद

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