फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस के हत्थे चढ़े हैवान, फिर भी सवाल बरकरार

Wed, 10 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रद्युम्न कौशिक
विज्ञापन
बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हाईवे पर हुई हैवानियत का पुलिस ने बेशक खुलासा कर दिया हो, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।  पुलिस ने दावा किया कि हैवानियत के छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि सातवां आरोपी फरार है। पुलिस ने पहले कहा कि आरोपी बुलंदशहर क्षेत्र के आसपास के पकड़े गए और बाद में कहा कि पकड़े गए तीनों आरोपी कन्नौज के हैं।
विज्ञापन


इनके बीच क्या कनेक्शन है, पुलिस इसका भी जबाव नहीं दे सकी। इसके अलावा अन्य बदमाशों के बीच का लिंक भी पुलिस नहीं ढूंढ सकी। पहले पकड़े गए तीन आरोपियों में से दो को रिमांड पर लिया गया, लेकिन रईस को रिमांड पर भी नहीं लिया गया। डीजीपी द्वारा बताए गए दो बदमाशों के नाम नरेश और बबलू के बारे में पुलिस कुछ नहीं बता सकी।

आखिर नरेश और बबलू का क्या हुआ, वह कहां हैं, इस पर भी पुलिस कुछ नहीं बता सकी। पहले कहा गया था कि बदमाशों ने मोबाइल फोनों का इस्तेमाल नहीं किया था, बाद में पुलिसने कहा कि सर्विलांस की मदद से आरोपियों को दबोचने में सहायता मिली। पुलिस ने कई ऐसे सवालों पर चुप्पी साधे रखी, जिन्हें उसने ही खड़ा किया था।
विज्ञापन


मेडिकल के बाद तीनों आरोपियों को पिछले गेट से निकाला

बुलंदशहर(ब्यूरो)। हाईवे पर हैवानियत के मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों का पुलिस ने मंगलवार को मेडिकल कराया। बेहद गोपनीय तरीके से पुलिस आरोपियों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाई और गुपचुप तरीके से पिछले गेट से निकालकर वापस ले गई। आरोपियों के मेडिकल से पहले जिला अस्पताल को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था।

हाईवे पर हैवानियत के मुख्य आरोपी सलीम बावरिया, जुबेर और साजिद को पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 9.45 पर तीनों का मेडिकल जिला अस्पताल में कराया। पुलिस तीनों को पीछे के रास्ते से गोपनीय ढंग से मेडिकल कराने लाई और करीब 25 मिनट के बाद पीछे के रास्ते से ही गुपचुप तरीके से लौट गई।

पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल कराने से पहले जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया। मेडिकल के दौरान किसी को भी इमरजेंसी में अंदर नहीं जाने दिया। मेडिकल के दौरान तीनों बदमाशों के चेहरे पर भी कोई खौफ नहीं था। तीनों बदमाश सामान्य व्यक्ति की तरह अपना मेडिकल करा रहे थे।

चेहरे पर न ही कानून का कोई डर था और न ही इतने घिनौने कृत्य को लेकर कोई शर्मिंदगी। मेडिकल के दौरान बदमाशों के चेहरे पर तनिक भी शिकन की लकीरें नहीं थीं। एक बदमाश के चेहरे पर चोट के निशान भी थे, जिसे मेडिकल के दौरान साफ भी किया गया। पुलिस मेडिकल के बाद तीनों आरोपियों को लेकर नोएडा के लिए रवाना हो गई।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें