जनपद में बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है, इसकी एक बानगी बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य केंद्र मुनि पर देखने को मिली। स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने पहुंची बुखार से पीड़ित एक महिला सुबह से अस्पताल की फर्श पर पड़ी कराहती रहीं, लेकिन किसी कर्मचारी ने उनकी सुध नहीं ली।
घंटों बाद इलाज के नाम पर उसे कोई गोली दे दी गई। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन महिला को निजी क्लीनिक ले गए। अरनिया निवासी मुन्नी पत्नी नन्नू खां पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे परिजन उपचार के लिए उन्हें लेकर मुनि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
पति मुन्ना खां ने बताया कि उस समय वहां कोई चिकित्सक नहीं था। बुखार से तपती हुई मुन्नी स्वास्थ्य केंद्र की फर्श पर लेट गई और कराहती रही। इस दौरान किसी भी स्वास्थ्य कर्मी अथवा चिकित्सक ने उसका उपचार करना मुनासिब नहीं समझा। नन्नू खां ने बताया कि करीब चार घंटे बाद किसी स्वास्थ्य कर्मी ने बिना जांच किए ही बुखार की एक गोली दी।
जब बुखार ठीक नहीं हुआ तो वह मुन्नी को लेकर निजी क्लीनिक गए और वहां उसका उपचार करवाया। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चंद्रपाल गौतम ने बताया कि बुखार की बेचैनी की वजह से मरीज फर्श पर लेट गई होगी। कैंप लगने के कारण चिकित्सकों की कमी है। लेकिन जो भी यहा आता है उसका उपचार ठीक तरीके से किया जाता है।