शादी वाले परिवार को 2.5 लाख रुपये तक के भुगतान के आदेश के बाद शुक्रवार को वर-वधू पक्ष के लोग बैंकों के बाहर शादी के कार्ड लेकर घूूमते रहे। वहीं, बैंक अफसरों ने आदेश में त्रुटि होने का हवाला देते हुए पेमेंट करने से इंकार कर दिया। लोगों ने एसडीएम से मिलकर भुगतान कराए जाने की गुहार लगाई।
वित्त सचिव ने बृहस्पतिवार को शादी ब्याह वाले परिवाराें को राहत देते हुए 2.50 लाख रुपये तक निकालने की अनुमति प्रदान की थी। शादी का कार्ड लिए परिवार दिनभर डीएम और एसडीएम दफ्तर घूमते रहे। एसडीएम सदर ने साकिलग्रान ऊपरकोट निवासी इस्लाम पहलवान की बेटी की शादी के लिए 2.50 रुपये बैंक से निकालने की अनुमति दे दी।
मगर आरबीआई की गाइडलाइन नहीं आने के चलते बैंक अफसरों ने उनको रुपये नहीं दिए। शनिवार को उनको दोबारा बुलाया गया है। इसी प्रकार करीब 40 परिवारों ने एसडीएम सदर के दफ्तर में शादी के कार्ड के साथ आवेदन पत्र जमा कराया है। जिनपर रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, गांव मंडपा जनपद गौतमबुद्ध नगर निवासी इकराम पुत्र उमराव अली खां ने बताया कि वह उसने अपनी तीन बेटियों हुसनो खातून, रूबीना खातून, खुशनुमा खातून की शादी गाजियाबाद के ग्राम कलछीना और मेरठ के गांव सलौना में तय की थी। 21 नवंबर को बारात आनी है। बताया कि उनका सिकंदराबाद के ओरियंटल बैंक आफ कामर्स में खाता है।
शुक्रवार को जब वह कार्ड लेकर रूपये निकालने के लिए पहुंचे तो बैंक ने भुगतान करने से मना कर दिया। वहीं, कोतवाली क्षेत्र के गांव भोंगखेड़ा निवासी अजय कुमार का भी यही हाल रहा। प्रबंधन का कहना है कि शादी वालों को 2.5 लाख तक का भुगतान करने के लिए उनके वेरिफीकेशन के लिए किसी को नियुक्त नहीं किया गया।
बिना वेरिफीकेशन के वह भुगतान करने में असमर्थ है।
आरबीआई से की 180 करोड़ की मांग
एलडीएम सपताल मेहता ने बताया कि जनपद के लिए आरबीबाई से 180 करोड़ रुपये की मांग की गई है। आरबीआई ने भी नई करेंसी नोट की डिमांड भेजी है।
डीएम ने की बैठक
शादी-ब्याह वाले परिवारों को राहत देने के क्रम में डीएम ने सभी एसडीएम और एलडीएम के साथ बैठक की। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि एसडीएम की रिपोर्ट के बाद ऐसे परिवारों को 2.5 लाख रुपये तक मिल पाएगा।
नई करेंसी के चक्कर में अटकी बेटी की शादी
शास्त्री नगर निवासी एडवोकेट भूपेंद्र सिंह की बेटी की शादी 23 नवंबर को होनी है, लेकिन नई करेंसी नहीं मिलने से अटक गई है। उनका आरोप है कि शादी के कार्ड के सत्यापन में प्रशासनिक अफसर बेवजह देरी कर रहे हैं। अधिवक्ता ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। साथ ही पैसे नहीं मिलने पर भी नोटबंदी के समर्थन की बात भी कही है।
शादी वाले परिवार को वेरिफिकेशन के लिए किसी अथॉरिटी को नियुक्त नहीं किया गया है। बिना वेरिफीकेशन के वह भुगतान नहीं कर सकते। - अनिल कुमार, मुख्य प्रबंधक, पीएनबी
फार्म के साथ ग्राम प्रधान, राशन डीलर द्वारा सत्यापित शादी का कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पास बुक तहसील में जमा करनी होगी। जांच के आधार पर को भुगतान को लिखा जाएगा। - एसडीएम कन्हई सिंह