जनपद फतेहपुर से दुधमुंहे बच्चे का अपहरण करने वाले दो बदमाशों को कोर्ट ने दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश तृतीय रामनारायण के न्यायालय ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि वादी एसओजी प्रभारी एसआई देवेंद्र कुमार सिंह ने कोतवाली देहात में 13 नवंबर 2011 में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उच्चाधिकारियों से जनपद फतेहपुर से अपहृत बच्चे ओम(23 माह) की अपहरण जानकारी मिली।
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पता चला कि दो बदमाश बच्चे को लेकर बाइक पर गिनौरा शेख से बुलंदशहर की ओर आएंगे। पुलिस फोर्स के साथ कांस्टेबल आशीष व रवींद्र व सरकारी जीप चालक उपेंद्र चिंकारा रेलवे क्रासिंग गिनौरा शेख पर पहुंचे जहां शाम पांच बजकर 30 मिनट पर बाइक पर दो व्यक्ति एक बच्चे के बीच में बिठाए हुए आते दिखे।
रुकने का इशारा करने पर बाइक सवार बदमाश ने पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। टीम ने किसी तरह बदमाशों के कब्जे से बच्चे को मुक्त करा लिया। तलाशी के दौरान एक पिस्टल व कारतूस बरामद किए। कोर्ट ने गवाह और सबूतों के आधार पर कर्णवीर व पुष्पराज को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई।