शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के आंचरूकला गांव में 10 साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों में से दो को दोषियों मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश संख्या द्वितीय आदर्श कुमार सिंह कन्नौजिया ने दिया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी यशपाल सिंह राघव ने बताया कि वादी वीरपाल शर्मा पुत्र सोरनलाल शर्मा निवासी आंचरूकला ने 24 अगस्त 2006 को थाना शिकारपुर में एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें उसने बताया था कि गांव के संजय शर्मा पर वादी के 50 हजार रुपये उधार थे। कई बार तगादा के बाद भी संजय ने पैसे नहीं लौटाए। उल्टे संजय शर्मा ने वादी के पुत्र के खिलाफ जानलेवा हमले की फर्जी रिपोर्ट लिखवा दी थी। 24 अगस्त 2006 की सुबह करीब 7.30 बजे वादी का पुत्र नीरज शर्मा गांव में ही डेयरी पर खड़ा था।
तभी गांव के संजय शर्मा उसका छोटा भाई मुकुट शर्मा पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा व भोला पुत्र जगदीश शर्मा हाथों में तमंचे लेकर आए। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।