जनपद के चर्चित रनवीर एनकाउंटर की गूंज एक बार फिर सुनाई दी। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर पीड़ित पक्ष की ओर से डीजीपी से शिकायत करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डीजीपी ने तत्काल जिला पुलिस से जवाब तलब किया। बचाव में उतरी जिला पुलिस ने एनकाउंटर को सही बताते हुए कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट लगाने का दावा किया।
बता दें कि 23 फरवरी 2015 को डिबाई कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने हरियाणा के रेवाड़ी जिला निवासी रनवीर को मुठभेड़ में मार गिराया था। जबकि उसके दो साथियों प्रवेश त्यागी और राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक, रनवीर और उसके साथी शराब तस्कर थे। जिन्होंने पुलिस टीम के रोकने पर फायरिंग कर दी थी। जबावी कार्रवाई में रनवीर की मौत हो गई। रनवीर की पत्नी ने एनकाउंटर को हत्या बताते हुए न्यायालय में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी।
न्यायालय ने मुठभेड़ की विवेचना में शामिल करने के आदेश दिए थे। तब से रनवीर की पत्नी और परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शनिवार को रविकांत नामक व्यक्ति ने डीजीपी को ट्वीट कर रनवीर एनकाउंटर में पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी।
जिस पर डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए एसएसपी बुलंदशहर से जबाव-तलब किया। पुलिस ने जबाव दिया कि एनकाउंटर असली था। पुलिस मुठभेड़ में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में पेश कर दी है।