किशोरी को अगवा कर रेप करने के आरोपी ट्यूटर को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में आरोपी बहन और भांजा का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मोहनलाल विश्वकर्मा की कोर्ट ने दिया है। रेप का दोषी आरोपी खुर्जा देहात क्षेत्र में बहन के यहां रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था।
बता दें कि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनिल कुमार यादव व पीड़िता के वकील हरिओम शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां ने 27 फरवरी 2013 को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उसने बताया था कि रायट गांव थाना लोधा जिला अलीगढ़ निवासी रवींद्र पुत्र प्रसादी लाल अपनी बहन के यहां रहकर ट्यूशन पढ़ाता था।
उसकी किशोरी बेटी भी उससे ट्यूशन पढ़ती थी। आरोप था कि 23 जनवरी 2013 की शाम 5 बजे रवींद्र की बहन माया पत्नी रामकुमार उनकी किशोरी बेटी को शौच के बहाने घर से बुलाकर जंगल में ले गई, जहां पहले से आरोपी रवींद्र और उसका भांजा देवेंद्र पुत्र रामकुमार बाइक लेकर खड़े थे।
जैसे ही किशोरी पहुंची दोनों आरोपियों ने उसे तमंचे के बल पर अगवा कर लिया। फिर अलीगढ़ ले जाकर दो दिन तक किशोरी से गैंगरेप किया। थाना पर जब पीड़िता की मां तहरीर लेकर पहुंची तो पुलिस ने उसे डांट-फटकार कर भगा दिया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी रवींद्र पुत्र प्रसादी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। इसके बाद इस मामले में आरोपी रवींद्र को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि आरोपी देवेंद्र व माया का मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है।