पुराने नोट के चलते शहर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टर ने एक वर्षीय मासूम का इलाज करने से मना कर दिया। इलाज नहीं मिलने के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं, पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंक में लाइन में खड़े 50 वर्षीय किसान जाहिद गश खाकर गिर पड़े।
आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। नगर के ईंटारोड़ी निवासी सुरेश कुमार के एक वर्षीय पुत्र को पिछले दो दिन से बुखार था। आरोप है कि बुखार से पीड़ित मासूम को लेकर सुरेश एक निजी अस्पताल में गया।
यहां खुले पैसे नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने मासूम का इलाज नहीं किया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे बच्चे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। वहीं, सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है कि उन्हें अभी इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, अस्पताल के संचालक ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। वहीं, दूसरी ओर, शहर के एसबीआई की शाखा में रुपये बदलने के लिए लाइन में खड़े ढकौली गांव निवासी किसान जाहिद (50) की शनिवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। वह गश खाकर नीचे गिर गए।
आनन-फानन में लोगों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जाहिद के बेटे आबिद ने बताया कि जाहिद दो तीन दिन से लगातार रुपये बदलने जा रहे थे, लेकिन उनका नंबर आने से पहले से नोट बदलने का समय खत्म हो जाता था।
10 दिन पूर्व उन्हें हार्ट अटैक भी आया था। वहीं, जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों मामले संज्ञान में नहीं हैं। मामले की जांच के लिए गांवों में जांच टीम भेजी जाएगी।