पोखरे के किनारे भीटा की जमीन पर शव दफनाने पहुंचे एक समुदाय के लोगों को दूसरे समुदाय ने रोक दिया। दो समुदाय के लोगों के आमने-सामने होने की जानकारी मिलने पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। पैमाइश में कब्रिस्तान की जमीन दूसरे जगह निकली लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए उसी स्थान पर शव दफनाने की जिद पर अड़ गए। इसको लेकर देर शाम तक प्रशासन व लोगों के बीच वार्ता जारी रहा।
सिंगहीडीह गांव की गुलाबों निशा की मौत शुक्रवार की शाम को हो गया। लोगों ने शनिवार को दोपहर में लाश दफनाने के लिए गांव के बाहर कब्रिस्तान पहुंचे। हिन्दू समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन दूसरी जगह होने की बात कहते हुए शव दफनाने से रोक दिया। इसको लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। मामला बढ़ता देख पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश किया तो कब्रिस्तान की जमीन वहां से कुछ दूरी पर थी और यह जमीन भीटा की निकली। प्रशासन ने भी कब्रिस्तान की जमीन में लाश दफनाने की बात कही। लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि लंबे समय से इसी स्थान पर शव दफनाया जाता है। इस लिए हम लोग दूसरी स्थान पर शव नहीं दफनाएंगे। शाम करीब चार बजे एसडीएम सलेमपुर आरपी तिवारी, भाटपाररानी सीओ बैजनाथ, नायब तहसीलदार राहुल गुप्ता, इंस्पेक्टर अशोक सिंह पहुंचे ओर वार्ता की लेकिन बात नहीं बनीं। हिन्दूू समुदाय के लोग किसी भी कीमत पर भीटा की जमीन पर लाश दफन न होने देने की बात कह रहे थेे। इसको लेकर देर शाम तक दोनों पक्ष के लोग वहां जमे रहे। एसडीएम सलेमपुर आरपी तिवारी ने बताया कि जिस स्थान पर लोग लाश दफनाने की बात कह रहे हैं। वह भीटा की जमीन है। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। इस लिए वहां लाश दफनाने से रोक दिया गया और कब्रिस्तान की जमीन में लाश को दफन करने की बात कह दी गई है।