हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ितों के बयान दर्ज हो सकते हैं। इसके लिए विवेचक रविवार को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। अभी तक दरिंदों की शिकार हुई बिटिया की हालत खराब होने के चलते मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज नहीं हो सके थे।
सोमवार को ही जेल में बंद आरोपियों शावेज और जबर सिंह की रिमांड की अर्जी पर सुनवाई होनी है। 29 जुलाई की रात कोतवाली देहात के दोस्तपुर गांव के निकट बदमाशों नेे बाद हथियारों के बल पर पीडि़त परिवार को बंधक बना लिया। आरोपियों ने मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया।
पुलिस ने सुतारी निवासी रईस, हापुड़ निवासी शाबेज और रबूपुरा निवासी जबर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पुलिस ने वारदात के बाद पीड़ित परिवार के सीआरपीसी की धारा-161 के बयान दर्ज कर लिए थे, लेकिन वारदात के आठ दिन बाद भी पुलिस मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज नहीं कर पाई थी।
वारदात के बाद बिटिया की तबीयत खराब हो गई थी।इसके चलते पुलिस को बयान कराने में देरी हो रही थी। सूत्रों का कहना है कि विवेचक रविवार को पीड़ित मां-बेटी से मिलने उसके घर खोड़ा जाएंगे। विवेचक पीड़ित परिवार से सोमवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए अनुरोध करेंगे। हालांकि सोमवार को ही जेल में बंद शावेज और जबर सिंह रिमांड पर सुनवाई होगी। पुलिस को उम्मीद है कि सोमवार को बयान और रिमांड मिल जाएगी।
पीड़ित परिवार ने मीडिया से बनाई दूरी
इंदिरापुरम। बुलंदशहर में एनएच-91 पर हैवानियत का शिकायत हुए परिवार ने अब सबसे दूरी बना ली है। परिवार के लोगों के अलावा घर में किसी के भी आने पर रोक लगा दी गई है। पीड़ित परिवार ने राजनीतिक रोटियां सेंक रहे नेताओं के साथ ही अब मीडिया से भी दूरी बना ली है।
यूपी के काउंसलरों से पीड़ित परिवार परेशान : रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा का कहना है कि बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार अब यूपी के काउंसलरों से परेशान है, जो उनके छोटे से घर में डेरा डाले हुए हैं। रेखा शर्मा के मुताबिक उनके पास पीड़ित किशोरी के पिता ने शुक्रवार शाम को फोन कर बताया कि तीन काउंसलर उनके घर पर बैठा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि वह पत्नी और बच्चों से बात तक नहीं कर पा रहे।
रेखा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम की एक काउंसलर भी सोमवार को पीड़ित परिवार के घर जाएंगी, हालांकि वह काउंसलिंग के लिए उन्हें मजबूर नहीं करेगी, अगर वह अनिच्छा जताते हैं तो काउंसलर वापस लौट जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पीड़ा दायक घटना में बुलंदशहर पुलिस सही से काम नहीं कर रही है।
आरोपियों को बदलने की चर्चा होने पर उन्होंने बुलंदशहर के पुलिस अफसरों से बात की थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि उन्होंने आरोपी नहीं बदले हैं बल्कि उनके पते दूसरे निकले थे, जिससे यह हल्ला मचा कि पुलिस ने आरोपी बदल दिए हैं। बता दें कि इससे पहले पीड़ित परिवार के घर में सपा नेता बाउंसर लेकर घुस गए थे।