सोमवार को पुलिस की गिरफ्त में तीनों शातिर।
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मुठभेड़ के बाद डिबाई पुलिस ने छोइया पुल के पास से एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गैंग के तीन शातिरों को दबोचा है। हालांकि गैंग का सरगना भागने में कामयाब हो गया। एक शातिर ने खुलासा किया है कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए ठगी करने लगा। आरोपियों से कार, तमंचा और कुछ एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 10 अप्रैल की शाम आठ बजे सूचना मिली कि एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाला गैंग इलाके के एटीएम मशीन पर खड़ा है। पुलिस पहुंची तो कार सवार गैंग भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर छोइया पुल से तीनों शातिरों को दबोच लिया।
जबकि सरगना भागने में कामयाब हो गया। आरोपियों की पहचान वसीम पुत्र फईमुद्दीन, इश्तयाक पुत्र हासिम निवासी चिट्टा थाना सलेमपुर और नसरू उर्फ नसरूदीन पुत्र बसरूदीन निवासी कल्लूगढ़ी डासना थाना मंसूरी जनपद गाजियाबाद के रूप में की गई।
जबकि सरगना नसरूदीन पुत्र नन्हें खां निवासी चिट्टा थाना सलेमपुर फरार होने में कामयाब रहा। तीनों के पास से कार डीएल-9सीआर-9054, तमंचा, कारतूस, दो चाकू और चार दूसरे के एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। वसीम ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसका एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए वह ठगी करने लगा था।
उल्टा कार्ड डालकर हैंग कर देते थे एटीएम
शातिर वसीम एटीएम में कार्ड को उल्टा डालकर मशीन को हैंग कर देता था। इसके बाद अन्य साथी मशीन खराब होने की बात कह बाहर निकल आते थे। जब कोई व्यक्ति रुपये निकालने जाता तो एटीएम प्रोसेसिंग पूरा दिखाकर केवल पर्ची बाहर आ जाती है जब पीड़ित लौट जाता तो आरोपी प्रोसेसिंग ठीक कर पैसे निकाल लेते थे।