बड़े-बड़े मामलों में खेल करने वाली पुलिस का एक और अमानवीय चेहरा सामने आया है। जेल में बंद पुत्र को पैरोल न मिलने पर उसके वृद्ध पिता की लाश मुखाग्नि के लिए 30 घंटे से तरस रही है। बताया गया है कि जिलाधिकारी द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर दरोगा ने पेरौल के लिए संस्तुति देने से इनकार कर दिया। परिजनों ने दोबारा शुक्रवार शाम डीएम से शिकायत की है।
बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर निवासी विनीत पुत्र धर्मवीर ने बताया कि कुछ साल पहले गांव में दो लोगों की हत्या हो गई थी। 2012 में न्यायालय ने उसके ताऊ के तीन पुत्रों पप्पू, मिंटू और बिट्टू पुत्र मगन सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से तीनों लोग जेल में हैं।
विनीत ने बताया कि मगन सिंह (75) पुत्र भगवंत सिंह की बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे बीमारी के चलते मौत हो गई। विनीत ने शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी के यहां पप्पू को पेरौल पर छोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। डीएम ने जेल से रिपोर्ट मंगवाई।
जेल से रिपोर्ट आने के बाद एसएसपी ने बीबीनगर थाने से संस्तुति के लिए भेज दिया। विनीत का आरोप है कि दरोगा मदनपाल सिंह ने दूसरे पक्ष से मिलकर संस्तुति देने से इनकार कर दिया। साथ ही अपनी रिपोर्ट में लिखा कि फोर्स चुनाव ड्यूटी में गई है। पेरौल मिलने के बाद घटना होने की संभावना है। इसलिए संस्तुति नहीं दी जा सकती।
शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पूरी जानकारी से अवगत कराया। परिजनों ने कहा कि मगन सिंह अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं, लेकिन दरोगा की सही रिपोर्ट नहीं लग पाने के कारण 30 घंटे से शव मुखाग्नि के लिए रखा है।
अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में दरोगा मदनपाल सिंह ने बताया कि विधानसभा चुनाव में फोर्स गई है और किसी अप्रिय घटना होने की आशंका है। इसलिए संस्तुति नहीं दी गई है। परिजनों द्वारा लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।
मैंने दिए गए प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार सुबह ही कार्रवाई शुरू करा दी थी। दरोगा की ओर से लगाई गई रिपोर्ट की अभी मुझे जानकारी नहीं है। पूरे मामले का पता करके ही कुछ कह पाउंगा। - आन्जनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर