साहिबाबाद स्थित जैकेट फैक्ट्री में लगी आग में झुलसकर मरे 13 लोगों में तीन बुलंदशहर के रहने वाले थे। जबकि एक यहां का रिश्तेदार था। इनमें गुलावठी कस्बे का और दो पास के गांव रसूलपुर के हैं। जबकि एक मृतक की रसूलपुर में ननिहाल है। उनकी मौत से गांव में कोहराम मच गया।
शहीदनगर में शुक्रवार सुबह सबमर्सिबल की मोटर के तारों में लगी आग ने जैकेट बनाने वाली फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से 16 कर्मचारी झुलस गए। जिनमें से 13 की मौत हो गई। जबकि तीन घायलों को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूचना पर एसएसपी गाजियाबाद, आईजी मेरठ समेत पुलिस के कई अधिकारी पहुंच गए। मरने वालों में गुलावठी के तीन लोग थे। गुलावठी के मंगल बाजार चौक निवासी सलमान(19) पुत्र स्व. शौकत है। सलमान के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।
वह पांच भाईयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। परिजनों के मुताबिक, वह कुछ महीने पहले ही काम पर गया था। क्षेत्र के गांव गांव रसूलपुर निवासी मौमीन(18) पुत्र जाहिद अली भी जैकेट बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। बुखार होने के कारण वह छुट्टी पर था और छह दिन पहले ही काम पर गया था।
मौमीन अविवाहित था। परिजन साहिबाबाद की चले गए। रसूलपुर के ही फजर मोहम्मद(40) पुत्र आस मौहम्मद भी जैकेट फैक्ट्री में काम करता था। शुक्रवार सुबह उसकी भी जलकर मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी नजमा, दो पुत्र दानिश व हासिम और बेटी रूही समेत चार पुत्रियां छोड़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि फजर मोहम्मद चार साल पहले परिवार सहित गाजियाबाद चला गया था। वह फिलहाल गांव खचड़ा (मसूरी) में रह रहा था। रसूलपुर निवासी इकराम अली, नासिर अली, इस्तखार आदि ने बताया कि हादसे में एक अन्य नसीम(16) की इसी दुर्घटना में मौत हुई है।