हाईवे-91 (दिल्ली-कानपुर) पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप की वारदात के 18 दिन बाद भी खाकी का सिक्योरिटी हवा-हवाई है। बृहस्पतिवार को दिन और रात में अमर उजाला की टीम ने सुरक्षा की पड़ताल की तो हाई रिस्क एरिया भी वीरान दिखा। नेशनल हाईवे के अड़ौली चौराहे न तो दिन में पुलिस दिखी और न ही रात में पिकेट दिखाई दी। वहीं, घटना स्थल के आसपास भी पुलिस नहीं दिखाई दी।
दोपहर दो बजे : अड़ौली चौराहा
बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे हाईवे पर अड़ौली चौराहे पर इलाका सुनसान था। सुरक्षा के नाम पर पुलिस का नामो-निशान नहीं था। इक्का-दुक्का लोग लिंक रोड पर आ-जा रहे थे। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस मुस्तैद नहीं है।
रात आठ बजे : अड़ौली चौराहा
रात 8 बजे भी अड़ौली चौराहे पर भी पुलिस नहीं थी। यहां भी अनहोनी होती रही है। यह जानते हुए भी पुलिस अंजान बनी है। काफी देर खड़े रहने के बाद भी पुलिस नजर नहीं आई। वह भी तब जब डीजीपी ने रात में हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग के आदेश दिए हुए हैं।
रात 8:10 बजे : अंडरपास
रात 8 बजकर 10 मिनट पर जब टीम घटनास्थल के निकट पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। हाईवे पर सुरक्षा के लिए एक भी पुलिसकर्मी नहीं था। देश को हिला देने वाली वारदात के बाद भी पुलिस नींद में ही है। हालांकि, हाईवे की पेट्रोलिंग कभी-कभार दिखाई दी।