तीन साल से वेतन नहीं मिलने से परेशान शिक्षिका ने डीएम दफ्तर पर जमकर हंगामा किया। महिला के हंगामे से डीएम दफ्तर पर अफरा-तफरी का आलम रहा। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शिक्षिका को हिरासत में ले लिया। कोतवाली ले जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
सिकंदराबाद के गांव सनौटा निवासी अर्चना यादव पुत्री डॉ. विजय यादव बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापिका के पद पर तैनात है। अर्चना ने मंगलवार को डीएम दफ्तर पहुंचकर आरोप लगाया कि उसे पिछले तीन साल से वेतन नहीं मिला है। अफसर जांच पर जांच करा रहे हैं, लेकिन उसका वेतन रिलीज नहीं किया जा रहा है।
उसने अपनी बात मंगलवार को डीएम डॉ. रोशन जैकब के समक्ष रखी। जब डीएम साहिबा ने मामले में जांच की बात कही तो शिक्षिका का पारा हाई हो गया। डीएम के सामने हंगामा करने पर कर्मियों ने शिक्षिका को बाहर कर दिया। शिक्षिका ने अफसरों पर तानाशाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया।
महिला का हंगामा बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली नगर प्रभारी को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर कोतवाली नगर प्रभारी महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए और शिक्षिका को हिरासत में ले लिया। कोतवाली पुलिस ने महिला शिक्षक को थाने ले जाकर चेतावनी देकर छोड़ दिया।