हाईवे-91 गैंगरेप के गिरफ्तार आरोपियोें को पुलिस रात पौने एक बजे बुलंदशहर लेकर आई थी। रात में ही पुलिस उन्हें घटनास्थल पर ले गई और उनहें कोतवाली में रखकर पूछताछ की गई। उनसे दो तमंचे, चार कारतूस और वारदात की रात पहने गए कपड़ों की रिकवरी भी गई।
गैंगरेप के आरोपी सलीम बावरिया, जुबेर और साजिद को मेरठ के मवाना से रात सवा नौ बजे गिरफ्तार करने के बाद रात में ही पौने एक बजे बुलंदशहर लाया गया था। पहले उन्हें कोतवाली लाया गया और पूछताछ की गई और दो तमंचे, चार कारतूस और वारदात की रात पहने गए जींस, टी-शर्ट, लोअर व लूटी गई रिकवरी भी गई।
बरामदगी के बाद क्राइम ब्रांच और बुलंदशहर पुलिस की संयुक्त टीमें तीनों आरोपियों को लेकर हाईवे किनारे स्थित उस स्थल पर लेकर गई, जहां पर 29 जुलाई को गैंगरेप किया गया था। आरोपियों से घटनास्थल की शिनाख्त कराई और वापस कोतवाली में रखा गया। बताया गया कि पुलिस ने रातभर तीनों आरोपियों से पूछताछ की गई।
लखनऊ और मेरठ के उच्चाधिकारी भी रात भर अपडेट लते रहे। सुबह करीब नौ बजे आईजी सुजीत पांडेय के आदेश पर पुलिस सलीम समेत तीनों आरोपियों को लेकर मेडिकल के लिए जिला अस्पताल गई।
रात में तीनों आरोपियों को मेरठ से लाया गया और घटनास्थल पर भी ले जाया गया था। उन्हें सिटी कोतवाली में रात में रखा गया था। -अनीस अंसारी,एसएसपी
आरोपियों की फोन टैपिंग सबसे मजबूत सबूत
आरोपियोें को पकड़े जाने का सबसे बड़ा आधार सर्विलांस पर लगाए गए उनके मोबाइल थे। पुलिस ने बदमाशों की 29 जुलाई की रात हुई वारदात को लेकर उनके फोन टेप किए जा रहे थे। यही पुलिस के पास सबसे मजबूत सबूत है। उनके आवाज की सैंपलिंग जांच कोर्ट में गैंगरेप के आरोपियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका अदा करेगा। हालांकि पुलिस वारदात की रात पहने गए कपड़े और लूटे गए जेवरात भी सबूत के रूप में पेश करेगी।