को आपरेटिव बैंक से नोट बदलने का अधिकार छीनने पर गुस्साए कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को कामकाज ठप कर प्रदर्शन किया। बाद में कर्मचारियों ने डीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने इसे कॉपरेटिव बैंकों के खिलाफ साजिश बताया।
बैंक प्रबंधन का कहना है कि कॉपरेटिव बैंकों को 500-1000 के पुराने नोट बदलने की अनमुति दी गई थी। लेकिन 14 नवंबर को यह आदेश आरबीआई ने बदल दिया। नए आदेश के मुताबिक न तो को आपरेटिव बैंक पुरानी करेंसी बदल सकते हैं और नही नई करेंसी दे सकते हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि को आपरेटिव बैंक से लाखों किसान जुड़े हुए हैं। आरबीआई के आदेश से गांवों में काश्तकार बीज और खाद नहीं खरीद पा रह हैं। इससे रबी की सीजन की बुआई पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों ने कहा कि करेंसी एक्सचेंज और वितरण सिस्टम से बाहर करने पर बैंक के कर्मचारियों ने बैंक में कामकाज बंद कर नारेबाजी की।
दुष्यंत यादव, अवनंद्र तौमर, संझामित्र गौतम, सूर्य प्रताप सिंह, ओम प्रकाश, अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।