मोहल्ला अंधेरियान बाग में चार माह पूर्व हुए जानलेवा हमले में घायल ने शनिवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के सही धाराओं में रिपोर्ट दर्ज न करने और हमलावरों से मिलीभगत के आरोपों से गुस्साएं लोगों ने शनिवार को हाईवे पर जाम लगाकर जमकर हंगामा काटा।
आक्रोशित लोग एक सिपाही द्वारा शुक्रवार रात मृतक की पत्नी को चांटा मारने से नाराज थे। इसको लेकर जाम लगा रहे लोगों और पुलिस अधिकारियों के बीच कई बार झड़प हुई। लोगों ने एसडीएम स्याना का घेराव भी किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को हाईवे से हटाया।
बता दे कि करीब चार माह पूर्व मोहल्ला अंधेरियानबाग निवासी मिट्ठनलाल को मेड़ के विवाद में चार युवकों मारपीट कर घायल कर दिया था। इसमें मिट्ठन की आंख फूट गई थी। उसका उपचार दिल्ली के सफ दरगंज में चल रहा था।
शुक्रवार रात मिट्ठनलाल की हालत बिगड़ने पर उसके भाई गोपाल ने आरोपियों के खिलाफ धारा 307 लगवाने की मांग की। आरोप है कि कांस्टेबल जयकुमार ने पीड़ित के मकान पर पहुंचकर गाली-गलौच की और मिठ्ठन की पत्नी को चांटा मार दिया।
शनिवार सुबह मिठ्ठन ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने सिपाही को हटाए जाने और हत्या का रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर बुलंदशहर-गढ हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसपी सिटी मानसिंह चौहान और एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र, अगौता, खानपुर, नई मंडी, जहांगीराबाद पुलिस और के साथ पीएसी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया।
10 मिनट बाद ही परिजन फिर से जाम लगाने की क ोशिश करने लगे। एसपी सिटी के आदेश पर पुलिस ने ने लाठी फटकार कर लोगों को मौके से खदेड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई गोपाल ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
पुलिस यदि आरोपियों के खिलाफ सही धाराओं में मुकदमा दर्ज करती तो बवाल नहीं होता। बता दे कि मृतक के घायल होने की रिपोर्ट करीब 15 दिन बाद दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत कर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
एसडीएम हिमांशु गुप्ता स्याना की ओर जा रहे थे, तब जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगा था। वहां लोगों ने एसडीएम की गाड़ी घेर ली। इस पर एसडीएम वापस बुलंदशहर की ओर ही लौट गये।
मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कास्टेबल जयकुमार के खिलाफ रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को भेजी जा रही है। राजेन्द्र विक्रम सिंह, एसओ औरंगाबाद।