पुलिस लाइन में हुए खून खराबे के पीछे माने जा रहे छुट्टी के विवाद को पुलिस नकार रही है। पुलिस रिकॉर्ड में सौरभ की छुट्टी का कोई प्रार्थना पत्र ही नहीं है। जबकि शुरुआत से ही वारदात का कारण छुट्टी और ड्यूटी को माना जा रहा है। विवेचक ने अफवाह फैलाने के बजाय लोगों से विवेचना में अपने बयान दर्ज कराने की अपील की है।
ताकि जांच आगे बढ़ाई जाए और जल्द पूरी की जाए। 22 अगस्त की रात क्वार्टर गार्ड पर संतरी सौरभ त्यागी ने सरकारी राइफल से गणना मुंशी मनोज यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बीच-बचाव में आए एचसीपी चंदरपाल और मनवीर को गोली मारकर घायल कर दिया था।
पुलिस अफसरों द्वारा लाख समझाने के बाद भी सौरभ त्यागी ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस लाइन में तैनात एसआईएमटी ब्रजपाल सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। वारदात के समय से अब तक यह चर्चा लोगों में रही कि सौरभ त्यागी मनोज यादव से तीन दिन की छुट्टी मांग रहा था।
जबकि कुछ लोगों का कहना था कि सौरभ त्यागी क्वार्टर गार्ड पर संतरी की ड्यूटी से नाखुश था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जब रिकॉर्ड खंगलवाया तो पुलिस को सौरभ त्यागी की कोई छुट्टी की एप्लीकेशन नहीं मिली। नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने बताया कि लोग अफवाह फैला रहे हैं। यदि किसी के पास कोई सबूत या जानकारी है तो वह उन्हें सौंप सकता है। जरूरी होने पर उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।