तहसीलदार कार्यालय अखाड़ा बन गया। रजिस्ट्रार कानूनगो का आरोप है कि तहसीलदार ने अपने कार्यालय में उन्हें बुलाकर लात-घूंसों से जमकर उनकी पिटाई की। शोर सुनकर पहुंचे कर्मचारियों ने उन्हें छुड़ाया। रजिस्ट्रार कानूनगो ने बताया कि फर्द बनाने के नाम पर तहसीलदार अवैध वसूली का दबाव बना रहे थे। इसका विरोध करने पर उन्होंने मारपीट की।
घटना से तहसीलदार के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। जिले की साताें तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो संघ के पदाधिकारी और अन्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। सातों तहसील के कर्मचारी खुर्जा तहसील पहुंच गए और तहसीलदार के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे।
कर्मचरियों एसडीएम को बताया कि सोमवार शाम कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद तहसीलदार मनोज कुमार ने रजिस्ट्रार कानूनगो श्रीपाल को अपने कार्यालय में बुलाकर चुनाव कार्यों की समीक्षा की। आरोप है कि इस दौरान तहसीलदार ने कंप्यूटर में फर्द बनाने के नाम पर 10 की जगह 15 रुपये लेने का दबाव बनाया। रजिस्ट्रार कानूनगो ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई, फिर तहसीलदार ने गाली-गलौच करते हुए रजिस्ट्रार कानूनगो की पिटाई शुरू कर दी।
रजिस्टार कानूनगो के साथ मारपीट की जानकारी मिलते ही जिले के सभी सात तहसीलों के कर्मचारियों में रोष फैल गया। मंगलवार सुबह हड़ताल की घोषणा करते हुए जनपद के सातों तहसील के रजिस्ट्रार कानून, लेखपाल, अमीन समेत कर्मचारी खुर्जा पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
जांच कराकर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके समर्थन में तहसील बार एसोसिएसन भी आ गई। उधर, दोपहर करीब एक बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से वार्ता की और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस संबंध में तहसीलदार से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।