जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मामूली कहासुनी के बाद दो वर्गों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने किशोरी के साथ गैंगरेप कर डाला। विरोध करने पर युवती के परिजनों को बेरहमी से पीटा, दरिंदगी का आलम ये कि युवती के भाई के हाथ की उंगलियां तक काट डाली गई। गंभीर रूप से घायल तीन परिजनों का मेरठ में उपचार चल रहा है।
दबंगों के बुलंद हौसलों का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने पीड़ितों के दो मकानों को पुलिस की मौजूदगी में ही आग के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। घटना के बाद से गांव में जबरदस्त तनाव है, इसके चलते भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बात बढ़ती देख पुलिस ने 16 नामजदों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया है।
जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 14 मार्च को दलित समाज के दो परिवारों के बीच मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद ने दूसरी बिरादरी के लोगों के हस्तक्षेप से तूल पकड़ लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घेर की ओर जाते समय दूसरी बिरादरी के चार लड़कों ने उनकी बेटी को उठा लिया और उसके साथ गैंगरेप किया।
मौके पर पहुंचे किशोरी के भाई के विरोध करने पर उसकी उंगलियां काट दी। युवती, युवती की मां, पिता और दूसरे भाई को भी सरेआम बेरहमी से पीटा गया। इससे किशोरी व उसके दोनों भाई और पिता गंभीर रुप से घायल हो गए। घायलों का मेरठ के एक निजी हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। दबंगों ने पीड़ित के एक मकान को आग के हवाले कर दिया।
आरोप है कि 15 मार्च को मामला शांत नहीं हुआ। दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में पीड़ित के दूसरे मकान में भी आग लगा दी। पीड़ित का एक मकान आंशिक और दूसरा मकान पूरी तरह जल गया। मकान में रखी अलमारी, फ्रिज समेत सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घर के बाहर खड़ी बाइक भी जला दी गई। इतना सब होने के बाद भी पुलिस का रवैया लीपापोती से आगे नहीं बढ़ा सका।
खास बात यह है कि घटना के तीन दिन बाद 17 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा लिखने में भी खेल किया। आरोपियों पर हल्की धाराएं लगायी। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी के साथ रेप हुआ है मगर पुलिस ने रेप की कोशिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद दरोगा और कांस्टेबिल को सस्पेंड करने का आदेश दिया गया था लेकिन 15 दिन बाद भी निलंबन का आदेश थाने तक नहीं पहुंचा।
कोतवाल जहांगीराबाद श्यामवीर सिंह का कहना है कि एक वर्ग के साथ मारपीट की गई। पीड़ित परिवार के लड़के की उंगलिया भी कटी हैं। मकान को भी जलाया गया। श्यामवीर सिंह का कहना है कि रेप का आरोप गलत है।
तहरीर के आधार पर 16 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। सीओ अनूपशहर श्रेष्ठा ठाकुर का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में युवती के प्राइवेट पार्ट में कोई इंजरी या बल प्रयोग जैसे बात सामने नहीं आई है। पीड़ित युवती के कपड़ों को फारेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
एसएसपी ने सौंपी एसपी देहात को जांच
जहांगीराबाद के एक गांव में हुए रेप और आगजनी की घटना की जांच एसएसपी सोनिया सिंह ने एसपी देहात को सौंप दी है। एसपी देहात को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
फारेंसिक रिपोर्ट से साफ होगा रेप का आरोप
सीओ अनूपशहर श्रेठा सिंह ने कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अभी इससे पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता है। जल्द ही प्रयोगशाला भेजे गए किशोरी के पकड़ों की फारेंसिक जांच होगी। फारेंसिक जांच के बाद मेडिकल और फारेंसिक रिपोर्ट को कंपाइल किया जाएगा। कंपाइलेशन के बाद एक संयुक्त मेडिकल रिपोर्ट बनेगी।
मामला मेरे संज्ञान में हैं। घटना के दो तीन दिन बाद मुझे जानकारी दी गई। जानकारी मिलते ही एसएसपी को तत्काल एक्शन लेने को कह दिया था। पुलिसकर्मियों पर एक्शन नहीं हुआ है तो इस संबंध में एसएसपी से बात करूंगा।
- आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
लापरवाही बरतने पर तीन कांस्टेबल एवं एक एसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। पीड़ित परिवार को मदद दिलवाने के लिए रिपोर्ट बनवाई जा रही है। रिपोर्ट जल्द ही शासन के पास भेज दी जाएगी। रेप की बात पीड़ित परिवार बता रहा। रेप को लेकर मेडिकल रिपोर्ट में थोड़ा कन्फ्यूजन बना है। -सोनिया सिंह, एसएसपी
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
जीतू, लवलेश, रितेश, प्रवीन, मनोज, मनोज की घरवाली, पंकज, नीतू, सोनू पंडित की घरवाली, राधा शर्मा, शिवदत्त शर्मा, सत्ता, वीरेंद्र, मुकेश, सोनू, मनीष के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 376, 323, 511, 506, 457, 380, 427, 436 और एससी एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।