घरों से उतर रहे अधिकांश विद्युत मीटर टैंपर्ड निकल रहे हैं। बिजली मीटरों की जांच कर रही एजेंसी को बड़ा फर्जीवाड़ा मिल रहा है। कोई मीटर रिमोट से संचालित मिला है तो किसी मीटर के पीछे चुंबक लगी मिली है। जिले के 20 हजार मीटरों को चिह्नित किया गया है, जहां औसत से भी कम खपत मिल रही है। इन सभी मीटरों को चैक किया जाएगा।
पावर कारपोरेशन ने जिले के संदिग्ध बिजली मीटरों की चेकिंग का जिम्मा सिक्योर कंपनी को दिया है। एजेंसी द्वारा ऐसे मीटरों को चैक किया जा रहा है, जो औसत से भी कम यूनिट के निकाल रहे हैं। ऐसे 20 हजार मीटर जिले में चिह्नित किए हैं, जबकि जिला मुख्यालय पर 2500 मीटर चिह्नित हैं।
अभी तक जिन मीटरों की चेकिंग की गई हैं, उनमें हर दूसरा मीटर टैंपर्ड निकल रहा है। कोई मीटर रिमोट से चलता मिल रहा है तो किसी मीटर में चुंबक लगी है। इनके खिलाफ पावर कारपोरेशन द्वारा एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है। पावर कारपोरेशन इन सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।
सिक्योर को तीन माह में इन मीटरों की जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को देनी है। यदि उपभोक्ता स्वयं अपने मीटर को टैंपर्ड घोषित करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। एक्सईएन डीसी शर्मा ने बताया कि सिक्योर कंपनी बिजली मीटरों की जांच कर रही है।