बड़े-बड़े मामलों में खेल करने वाली खाकी का फिर एक नया कारनामा सामने आया है। बिजली चोरी के मामले की जांच कर रहे दरोगा ने अब मृतक के खिलाफ ही कोर्ट में चार्जशीट भेज दी।
यही नहीं दरोगा ने मृतक को जिंदा मानकर उसके मनगढ़ंत बयान भी केस डायरी में भी लिख दिए। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपी को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस देखकर मृत राम सिंह के परिजन हैरान रह गए।
अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नरसेना थाना क्षेत्र के बरहाना गांव निवासी राम सिंह पुत्र खचेड़ू सिंह की दो अप्रैल 2004 को मृत्यु हो चुकी है। राम सिंह के नाम से विद्युत कनेक्शन है। 30 मार्च 2015 को अवर अभियंता गजपाल सिंह ने राम सिंह के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
तत्कालीन व वर्तमान थानाध्यक्ष ज्ञान सिंह के सुपरविजन में विवेचक सुखवीर सिंह ने विवेचना की। अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान ने बताया कि विवेचक ने विवेचना के दौरान घर बैठे ही मृतक राम सिंह के मनगढ़ंत बयान दर्ज कर लिए। जबकि, राम सिंह की मौत 12 साल पहले ही हो चुकी है।
25 अप्रैल 2015 में विवेचना पूरी कर आरोपी राम सिंह पुत्र खचेड़ू के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायालय ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए जब आरोपी को न्यायालय में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया तो इसका खुलासा हुआ।