दरोगा सुखवीर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हथियार सहित दबोच कर हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि दरोगा की हत्या शराब के नशे में धुत बाइक सवार दो युवकों ने स्टंट करने से रोकने पर की थी।
अब पुलिस हत्या के मुख्य आरोपी और उसकी बुलेट बाइक की तलाश में जुटी है। एसपी ने गुडवर्क करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक अलंकृता सिंह ने बताया कि मूलरूप से सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के सिरोधन गांव निवासी दरोगा सुखवीर सिंह यादव बागपत जिले के सिंघावली अहीर थाने में तैनात थे।
23 जून की रात करीब 9:30 बजे वह बाइक से ड्यूटी से अपने गांव लौट रहे थे। तभी मोदीनगर रोड पर वकील के भट्ठे के पास बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। जांच के लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था।
जांच के दौरान पता चला कि इस वारदात को बुलेट बाइक सवार बदमाशों ने अंजाम दिया था। एसपी ने बताया कि जांच में गोयना निवासी दीपक का नाम सामने आया। उसके खिलाफ हापुड़, गाजियाबाद और दिल्ली में चोरी, धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हैं।
सोमवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दीपक ट्रांसपोर्ट नगर के पास बदनौली की ओर जाने वाले रेलवे फाटक पर खड़ा है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी दीपक को दबोच लिया।
हथियार को जांच के लिए भेजा
एसपी ने बताया कि दीपक के पास मिले हथियार को विधि प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है ताकि पता चल सके कि गोली इसी हथियार से चलाई गई है अथवा नहीं। पकड़ा गया आरोपी आसपास के जिले का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस बुलेट बाइक और फरार साथी की तलाश में जुटी है।
एसपी ने गुडवर्क करने वाले एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव, दरोगा जयपाल सिंह रावत, दरोगा संजय कुमार, कांस्टेबल रणधीर सिंह, विष्णु प्रताप, रणवीर सिंह मौतला, जयवीर सिंह भड़ाना, मुकेश कुमार और मुकेश कुमार शर्मा को पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
सख्त कार्यशैली के चलते गई दरोगा की जान
सख्त कार्यशैली के चलते दरोगा सुखवीर सिंह की जान चली गई। सड़क पर स्टंट कर रहे बुलेट सवारों को ढंग से बाइक चलाने की हिदायत देना उनकी मौत का कारण बन गया। हालांकि, पकड़े गए बदमाश दीपक के परिजनों ने बेटे को बेकसूर बताया है।
साथ ही एसपी से मामले की जांच ठीक से कराने की मांग की है। दीपक ने बताया है कि उस रात वह और उसका दोस्त बदनौली से शराब पीकर चले तो बुलेट वह खुद चला रहा था जबकि मुख्य आरोपी पीछे बैठा था।
दोनों सड़क पर स्टंट करते हुए चल रहे थे। इसी बीच पीछे से आए दरोगा ने जब उन्हें टोका तो उन्हें यह बात नागवार गुजरी। तैश में आकर उन्होंने दरोगा को पीछे से गोली मार दी और भाग निकले।
आरोपी ने वारदात में शामिल होने की बात कबूली
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ घटना की रात बदनौली ठेके पर शराब पीकर स्टंट करते हुए घर लौट रहा था। तभी रास्ते में दरोगा सुखवीर सिंह ने उनसे ढंग से बाइक चलाने की हिदायत दी।
इस बात पर बुलेट पर पीछे बैठे साथी ने दरोगा के पास में बाइक लगवाकर उसे गोली मार दी थी। 24 जून को अखबारों में जब खबर प्रकाशित हुई तो व भागकर हरिद्वार चला गया था।