भौपुर गांव में स्थित दुर्गा मंदिर की मूर्तियाें को क्षतिग्रस्त देख सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। गांव के ही तांत्रिक पर नशे में मूर्तियां क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगा है।
हालांकि तांत्रिक के परिजनों का कहना है कि घटना के समय वह शादी समारोह में गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों को समझाकर शांत करा दिया। हालांकि, तांत्रिक पर आरोप लगते ही गांव के किसी ने विरोध नहीं किया है।
बता दें कि सोमवार सुबह गांव के लोगों ने देखा कि दुर्गा मंदिर की प्रतिमाओं को किसी ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। यह बात गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पर पहुंच गए। अफवाहों का बाजार गर्म हो गया।
पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात होने लगी तो मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि रविवार रात करीब दस बजे गांव के तांत्रिक ने नशे की हालत में मूर्तियों को क्षतिग्र्रस्त किया है।
उनके साथ उनकी बेटी भी जो तांत्रिक को संभाल कर ले जा रही थी। इस मामले में तांत्रिक का नाम सामने आने पर ग्रामीण शांत हो गए। तांत्रिक के खिलाफ गांव कोई व्यक्ति बोलने को तैयार नहीं है। तांत्रिक के परिवार वालों का कहना है कि वह शादी में गए थे।
थानाध्यक्ष जनक सिंह ने बताया कि वह गांव गए थे। गांव के बीच मंदिर में नई मूर्तियां लगवा लेने का समझौता हो गया है।