एसएसपी बुलंदशहर और सिपाही होरी लाल के खिलाफ तहसीलदार सदर ने 2.82 लाख रुपये की आरसी जारी की है। दरअसल, सिपाही होरीलाल की बाइक की टक्कर से बीए के छात्र नितिन कुमार की मौत हो गई थी।
कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 2.82 लाख मुआवजा देने का आदेश आरोपी सिपाही को दिया था। आदेश नहीं मानने पर कोर्ट ने तहसील सदर को मुआवजा वसूलने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के क्रम में तहसीलदार सदर ने एसएसपी और सिपाही के खिलाफ 2.82 लाख रुपये की आरसी जारी की है।
बता दें कि शिकारपुर निवासी नितिन कुमार बीए का स्टूडेंट था। 26 दिसंबर वर्ष, 2011 को नितिन बाइक से बुलंदशहर आ रहा था। तभी गांव चिट्टा मुकीमपुर के पास सिपाही होरीलाल ने नितिन की बाइक में टक्कर मार दी। मौके पर ही नितिन की मौत हो गई। नितिन की मां ने सलेमपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
बाद में 19 जनवरी 2012 को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। एक्सीडेंटल केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सिपाही होरी लाल को आदेश दिया कि वह पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में 2.44 लाख रुपये दे। कोर्ट के आदेश के खिलाफ होरीलाल हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने होरीलाल को छह सप्ताह के भीतर 75 परसेंट मुआवजा राशि चुकाने का आदेश दिया। होरीलाल ने पीड़ित को पैसा नहीं दिया। कोर्ट ने 2.44 लाख के बजाय तहसील प्रशासन को 2.82 लाख रुपये एसएसपी बुलंदशहर और आरोपी सिपाही से वसूलने का आदेश दिया। इसी क्रम में तहसीलदार सदर अशोक शर्मा ने एसएसपी बुलंदशहर और सिपाही होरीलाल के खिलाफ आरसी जारी की है।