रविवार शाम सलेमपुर थाने में पुलिस लाइन शूट आउट दोहराने से जरा सा बच गया। जुलूस में ड्यूटी लगने से नाराज सिपाही ने एसओ सलेमपुर पर सरकारी राइफल तान दी। सिपाही थानेदार को मारने के लिए उसके आवास तक जा पहुंचा। एसओ सलेमपुर ने सीओ शिकारपुर के माध्यम से एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी।
उसके बाद कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने सिपाही को बर्खास्त कर दिया है। एसओ सलेमपुर मनोज पाठक ने बताया कि शनिवार रात रंगपुर निवासी एक व्यक्ति ने जहर खाकर जान दे दी थी। रविवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। कोतवाली में तैनात सिपाही उपेंद्र यादव सुबह नौ बजे पोस्टमार्टम हाउस गया था।
वहां से दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम कराकर लौटा। फोर्स की कमी के चलते उसकी ड्यूटी शिकारपुर में होने वाले जुलूस में लगा दी थी। इस पर वह भड़क गया और गाली-गलौंच करते हुए एसओ के कमरे पर चला गया। एसओ के मुताबिक, उपेंद्र करीब 5 बजे वर्दी पहनकर आया और थाने से सरकारी राइफल लेकर गाली-गलौंच करते हुए आवास की तरफ आ गया।
तभी एक महिला कांस्टेबल ने फोन पर एसओ को सिपाही के आने की सूचना दे दी। बताते हैं कि उपेंद्र ने एसओ पर सरकारी राइफल तान दी। एसओ ने आवास के दरवाजे बंद कर लिए। सिपाही उपेंद्र ने एसओ से गाली-गलौंच की।
एसओ ने फौरन ही अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय और सीओ शिकारपुर चंद्रधर गौड़ पहुंच गए। थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उपेंद्र को समझाकर उसका गुस्सा शांत किया।
एसओ मनोज पाठक ने जीडी में घटना दर्ज कर मामले की रिपोर्ट बनाकर सीओ शिकारपुर के माध्यम से एसएसपी अनीस अहमद अंसारी को सौंप दी। एसएसपी ने सिपाही उपेंद्र की इस करतूत को अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते हुए उसको बर्खास्त कर दिया।
‘शूट आउट एट पुलिस लाइन’ दोहराने की दे रहा था धमकी
बर्खास्त होने से पहले सिपाही उपेंद्र यादव ने 22 अगस्त को पुलिस लाइन में हुए शूट आउट की घटना को दोहराने की धमकी दी थी। हाथ में सरकारी राइफल और सिर पर खून सवार सिपाही एसओ के आवास की तरफ बढ़ रहा था। उसे रोकने के लिए थाने में तैनात सिपाहियों की भी हिम्मत नहीं पड़ी थी। सिपाही ने लगातार ड्यूटी करने से आजिज होकर यह कदम उठाया था।
22 अगस्त की रात क्वार्टर गार्ड पर तैनात संतरी सौरभ त्यागी ने सरकारी राइफल से गणना मुंशी मनोज यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बीच में आए एचसीपी मनवीर और चंद्रपाल को गोली मारकर घायल कर खुद को गोली से उड़ा लिया था। सौरभ छुट्टी न मिलने से परेशान था।
अब डेढ़ माह बाद सलेमपुर थाने में तैनात सिपाही उपेंद्र इसी तरह की घटना दौहराने वाला था। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि उपेंद्र के हाथ में सरकारी राइफल थी। वह बहुत गुस्से में था। उपेंद्र राइफल लेकर एसओ के आवास की ओर बढ़ रहा था। उपेंद्र के सिर पर खून सवार था।
वह गाली-गलौच करते हुए पुलिस लाइन कांड दोहराने की धमकी दे रहा था। जिसके चलते थाने में तैनात पुलिसकर्मी भयभीत थे। जब एसपी देहात और सीओ शिकारपुर पहुंचे तो उनकी मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने उसका गुस्सा शांत कराया।
करीब आधे घंटे तक एसओ अपने आवास में ना चाहते हुए भी कैद रहे। एसएसपी ने बताया कि इस समय त्योहारों के चलते पुलिसकर्मियों की छुट्टी बंद है। किसी भी पुलिसकर्मी को विशेष परिस्थिति में छुट्टी दी जा रही है।
यूं ही नहीं फूटता पुलिसकर्मियों का गुस्सा
17-18 घंटे की ड्यूटी, न वीकली ऑफ और न छुट्टी। और न ही त्योहार मनाने के लिए घर जाने की इजाजत। यह चौपट लाइफ स्टाइल है यूपी के पुलिसकर्मियों की। 22 अगस्त को बुलंदशहर पुलिस लाइंस में हुई हृदयविदारक घटना भी इसी कुंठा का नतीजा थी।
हालांकि इसके बाद शासन ने 10 दिन में एक ऑफ देने के आदेश किए थे, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह से अमली जामा नहीं पहन सकी है। पुलिसकर्मियों को सालभर में 30 सीएल, 30 ईएल मिलती हैं।
इसके अलावा पूरी सर्विस के दौरान एक साल की मेडिकल लीव मिलती है। कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को तीन दिन तक की छुट्टी थाना प्रभारी या आरआई दे सकते हैं। 14 दिन तक की छुट्टी क्षेत्राधिकारी और इससे ज्यादा एएसपी और एसएसपी सेंशन करते हैं। हकीकत यह है कि अधिकांश पुलिसकर्मियों की सीएल लैप्स हो जाती है।
अनुशासनहीनता नहीं की जाएगी बर्दाश्त
एसओ सलेमपुर मनोज पाठक से सिपाही उपेंद्र यादव द्वारा अभद्रता करने के मामले में उसको बर्खास्त कर दिया है। पुलिस की नौकरी में सेवा का भाव होना चाहिए। यदि कोई अनुशासनहीनता करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी