मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी समाजवादी पेंशन योजना में भारी अनियमितता सामने आई है। बुलंदशहर में 5912 लाभार्थी फर्जी पाए गए हैं।
ये खुलासा लाभार्थियों की डोर टू डोर तैयार की गई सत्यापन रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि शासन ने फिलहाल 130 को पहली सूची जारी की है।
लोकसभा चुनाव-2014 में सूबे की सपा सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना का शुभारंभ किया था। जनपद में योजना के मद्देनजर 85,660 परिवारों का चयन किया गया और पेंशन भी जारी कर दी गई।
मौजूदा वित्त वर्ष में योजना का सच जानने के लिए समाजवादी पेंशनर्स का डोर-टू-डोर सत्यापन कराया गया। सत्यापन में अनियमित्ता की परत खुली तो हड़कंप मच गया।
सत्यापन में 5912 एसे परिवार सामने आए हैं जो पात्रता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। मसलन जिन ग्रामीणों के नाम जमीन है, उनको भी पात्र बना दिया गया।
सरकारी मुलाजिमों के परिवारों को पेंशन दी गई। कई परिवारों ने फर्जी डाक्यूमेंट्स के आधार पर समाजवादी पेंशन लूटी। कुल मिलाकर ऐसे 5912 परिवार अपात्र पाए गए हैं।
इस वित्तीय वर्ष में इनकी पेंशन जारी नहीं की गई है। बता दें कि समाजवादी पेंशन योजना के तहत लाभार्थी को पांच सौ रुपये प्रति माह पेेंशन दी जाती है।
जो लाभार्थी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाते हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजते हैं उनको 50 रुपये प्रति वर्ष इंक्रीमेंट देने का प्रावधान सरकार ने किया है।