पुलिस लाइन शूटआउट कांड में घायल हुए दो एचसीपी के परिजनों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक सहायता के लिए अफसरों ने मुंह मोड़ लिया है, लेकिन रंगरूटों ने दिल खोलकर मदद करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, रंगरूटों ने घायलों के लिए आपस में चंदा एकत्र किया और इलाज में सहयोग किया है। वहीं, घायल एचसीपी की हालत बिगड़ती देख उसे मेरठ से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि 22 अगस्त की रात क्वार्टर गार्ड के संतरी सौरभ त्यागी ने गणना मुंशी कांस्टेबल मनोज यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जबकि, एचसीपी चंदरपाल और मनवीर को गोली मारकर घायल कर दिया था।
इसके बाद सौरभ ने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी थी। घायल एचसीपी चंदरपाल और मनवीर का मेरठ के आनंद अस्पताल में इलाज चल रहा था। घायल चंदरपाल की हालत खराब बताई जा रही है।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि उसे मेरठ से नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि दोनों घायल के परिजनों को इलाज के लिए आर्थिक मदद के लिए पुलिस लाइन में तैनात रंगरूटों ने चंदा एकत्र कर इलाज के खर्च में सहयोग किया है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि रंगरूटों द्वारा चंदा एकत्र करने की जानकारी नहीं है।
एक दिन का वेतन देने में छूटे पसीने
किसी भी पुलिसकर्मी की मौत के बाद पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन देते हैं। लेकिन मनोज यादव की हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों के विचार कुछ इतर हैं। सूत्रों के मुताबिक, खजांची के पास काफी संख्या में पुलिसकर्मियों ने पत्र भेजकर वेतन न काटने की अपील की है। जबकि कुछ पुलिसकर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन काटने की स्वीकृति दी है।