2014 में युवक की रंजिशन हत्या करने के मामले में कोर्ट ने सात आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम राजीव कुमार ने दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि गांव भराना निवासी सतीश ने दो जनवरी 2014 को थाना सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। उसने बताया कि भाई मुकेश व अशोक का बॉलीबॉल खेलते समय गांव के ही सुबोध व अशोक पुत्र रामपाल से विवाद हो गया था। जिसका गांव के लोगों ने समझौता करा दिया था।
अगले दिन तीन जनवारी की शाम करीब चार बजे रंजिश को लेकर रविंद्र पुत्र रामवीर, अशोक, अजब सिंह व संजय पुत्र रामपाल, जितेंद्र पुत्र रामपाल, रणवीर व अनिल भाटी ने लाठी-डंडे व तमंचे लेकर उन पर हमला कर दिया। रविंद्र ने लाइसेंसी बंदूक से प्रवेश को गोली मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अशोक व मुकेश को भी गंभीर चोटें आईं। प्रवेश की उपचार के दौरान कैलाश अस्पताल में मौत हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सात आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।