साक्ष्यों के अभाव में न्यायाधीश एडीजे द्वितीय आदर्श कुमार कन्नौजिया ने सिकंदराबाद के संजय हत्याकांड के आरोपी मुकुल को संदेह का लाभ देकर बाइज्जत बरी कर दिया। साथ ही जिला कारागार से आरोपी की तत्काल रिहाई कराए जाने के आदेश जारी किए ।
वारदात सिकंदराबाद में गेंदपुर शेखपुर गांव के मोड़ पर गैस एजेंसी के सामने 25 अगस्त 2013 की शाम साढ़ पांच बजे हुई। आरोप था कि मुकुल पुत्र सतवीर निवासी सुखलालपुर ने संजय पुत्र जयपाल की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी जब वह अपने चाचा लालपुर गांव निवासी चंद्रपाल पुत्र भगवंत के साथ बाइक पर सिकंदराबाद जा रहा था।
एफआईआर चंद्रपाल ने लिखवाई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कालरा ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। मामला एडीजे द्वितीय के समक्ष आया। वादी और विवेचक जितेंद्र कालरा समेत सात गवाहों के बयान पेश हुए।
सबूतों व साक्ष्यों का अध्ययन कर न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद मुकुल को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।