सरकारी विकास कार्यों में इस्तेमाल की जा रही इंटरलॉकिंग टाइल्स कमजोर निकली। प्रयोगशाला में हुई जांच में इसका खुलासा हुआ है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीएम वित्त ने फैक्ट्री संचालक को नोटिस भेजकर टाइल्स सप्लाई पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही फैक्ट्री सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बता दें कि शिकायत पर करीब पांच माह पूर्व एडीएम वित्त एवं राजस्व आरके सिंह ने मऊखेड़ा स्थित गोल्डन टाइल्स फैक्ट्री से इंटरलॉकिंग टाइल्स के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे।
शनिवार को प्रयोगशाला ने टाइल्स की जांच रिपोर्ट एडीएम वित्त के पास भेज दी। रिपोर्ट में टाइल्स के दोनों नमूने फेल हुए हैं। नियम के मुताबिक टाइल्स की क्षमता एम-30 से कम नहीं होनी चाहिए।
रिपोर्ट में एक नमूने की क्षमता एम-24 और दूसरे की क्षमता एम-26 निकली। मतलब मानक से कम पाई गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व आरके सिंह ने गोल्ड फर्म के मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
सख्ती के बाद भी नहीं बदला रवैया
करीब आठ माह पूर्व डीएम ने खुद बुलंदशहर और शिकारपुर में सड़क खुदवाकर टाइल्स की जांच कराई थी। एडीएम वित्त ने शिकारपुर रोड पर चार टाइल्स फैक्ट्रियों को सील कराया था।
हालांकि बाद में डीएम के आदेश पर सील खोल दी गई थी। इसके बावजूद टाइल्स निर्माण का धंधा पुराने हालातों में पहुंच गया है।
क्या दिखावा था सख्त रुख
प्रशासन के सख्त रुख कोलेकर चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि सख्ती नगर पालिका और टाइल्स फैक्ट्री संचालकों पर दबाव बनाने की प्रक्रिया थी।
बता दें कि जिले की अधिकांश टाइल्स फैक्ट्रियों में मानकों की खिल्ली उड़ाई जा रही है। हालांकि एडीएम वित्त ने कहा है कि सभी फैक्ट्रियों में टाइल्स की गुणवत्ता परखी जाएगी।
नोटिस जारी कर दिया गया है। नगर पालिका समेत सरकारी विभागाें को गोल्डन फर्म की टाइल्स सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। - आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व