हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप और लूटपाट का खुलासा करके पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन सलीम बावरिया गैंग की कुंडली खंगालने में अफसर नाकाम रहे है। पुलिस सलीम का आपराधिक रिकॉर्ड तो दूर, इस गैंग द्वारा पहले की गई वारदातों के बारे में भी जानकारी नहीं जुटा पाई है।
29 जुलाई को हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात के बाद पुलिस ने जबर सिंह, शाबेज, रईस, सलीम, परवेज और जुबेर को जेल भेजा है। पुलिस ने खुलासा किया कि सलीम बावरिया के गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की नजर में सलीम बावरिया कुख्यात अपराधी है लेकिन पुलिस अभी तक सलीम बावरिया और उसके साथियों का आपराधिक इतिहास नहीं तलाश पाई है।
पुलिस अफसरों के पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि सलीम और उसके गैंग ने इससे पहले कब, कहां और किस तरह की वारदात को अंजाम दिया था। इस सवाल पर अफसर कन्नी काट रहे हैं। गैंगरेप जैसे जघन्य अपराध में छह आरोपियों को जेल भेजने वाली पुलिस आरोपियों में लिंक जुटा पाने में पूरी तरह नाकाम है।
लोग पुलिस के इस खुलासे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। लेकिन पुलिस के अफसर पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। आईजी सुजीत पांडेय ने बताया कि सलीम के आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।