पुलिस हिरासत में हत्या का मुख्य आरोपी परविंद्र।
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खुर्जा विधानसभा सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े मनोज गौतम के भाई विनोद और उसके दोस्त सचिन की हत्या के मुख्य आरोपी परविंदर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। परविंदर ने मनोज गौतम के कहने पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है। मनोज ने हत्या की एवज में बुलंदशहर में फ्लैट, जमीन और दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया था।
मनोज किसी भी कीमत पर विधायक बनना चाहता था। पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में एसएसपी सोनिया सिंह और एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि छह फरवरी की रात खुर्जा विधानसभा सीट से रालोद प्रत्याशी मनोज कुमार गौतम का भाई विनोद गौतम अपने दोस्त सचिन के साथ लापता हो गया था।
अगले दिन सात फरवरी की सुबह अगवाल गांव के जंगल में विनोद व सचिन की खून से लथपथ लाशें मिली थीं। आठ फरवरी की सुबह पुलिस ने खुलासा कर बताया था कि मनोज गौतम ने ही चुनाव में मतदाताओं की सहानुभूति बटोरने के लिए इस वारदात को अंजाम दिलाया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी परविंदर पुत्र सुखराम गांव दाऊपुर थाना जवां जिला अलीगढ़ को जवां थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। परविंदर ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 7-8 माह से मनोज गौतम के साथ काम करता था। मनोज उस पर सबसे ज्यादा विश्वास करता था। बसपा से मनोज का टिकट कटने पर वह काफी परेशान था और डिप्रेशन में आ गया था।
राष्ट्रीय लोकदल से टिकट मिलने के बाद किसी भी कीमत पर विधायक बनना चाहता था। जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए मनोज के कहने पर ही उसके भाई विनोद गौतम और उसके दोस्त सचिन की हत्या की थी। मनोज ने परविंदर को एडवांस भी दिए थे।
परविंदर ने फिरोज को अपने साथ लिया और विनोद व उसके दोस्त सचिन की गोली मारकर हत्या कर दी। रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद परविंदर गिरफ्तारी के डर से भाग गया। एसएसपी ने बताया कि परविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।