व्हाट्सएप पर भड़काऊ वीडियो वायरल करने वाले रिहान और उसके साथी सद्दाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद पुलिस उसके चार फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिशें दे रही है। एक टीम ने आंध्र प्रदेश में डेरा डाल रखा है। अफसर जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि 25 फरवरी 2017 की दोपहर वायरल हुए वीडियो में पहासू निवासी रिहान अली ने धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इस पर 26 फरवरी की सुबह लोग पहासू में सड़कों पर उतर आए थे। पहासू में हुए बवाल के बाद 28 फरवरी की दोपहर पुलिस ने कोर्ट में सरेंडर करने आए रिहान को बुलंदशहर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसके बाद दो फरवरी की दोपहर पुलिस ने भूड़ चौराहे से रिहान के साथी सद्दाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रिहान के मुताबिक, सद्दाम ने ही अपनी मोबाइल से भड़काऊ वीडियो बनाई थी। पुलिस ने सद्दाम का मोबाइल बरामद कर लिया है। लेकिन रिहान का मोबाइल अभी तक बरामद नहीं कर सकी है।
पुलिस के मुताबिक, रिहान के चार और साथी हैं जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि वीडियो वायरल प्रकरण में भागे हुए चार साथियों को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
शांति समिति की बैठक छाया रहा वीडियों का मुद्दा
होली पर्व के मद्देनजर बुलाई गई शांति समिति की बैठक में मोबाइल पर वायरल हो रही आपत्तिजनक वीडियो का मुद्दा छाया रहा। एसडीएम व सीओ ने वीडियो को आगे नहीं भेजने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
रविवार को कोतवाली में एसडीएम कन्हई सिंह, सीओ चौधरी यशवीर सिंह, कोतवाल जितेंद्र कुमार ने शांति समिति की बैठक ली। बैठक में क्षेत्र के सभी गांवों के प्रधान समेत नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। एसडीएम व सीओ ने ककोड़ में भी शांति समिति की बैठक ली।
बैठक में चेयरमैन कुंवर रिजवान,पूर्व चेयरमैन सुभाष सिंघल, प्रधान नरेश, दानवीर, फईमुद्दीन, बल्लू खां, पप्पू, सोनू, चौधरी मंजू सिंह आदि मौजूद रहे।
सीओ शिकारपुर को सम्मानित किया
पहासू प्रकरण में सराहनीय योगदान के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकारपुर के सीओ विजय प्रकाश सिंह को सम्मानित किया। रविवार देरशाम बजरंग दल कार्यकर्ता संगठन के पूर्व जिला संयोजक हेमंत सिंह के नेतृत्व में शिकारपुर स्थित सीओ आवास पहुंचे और उन्हें सम्मान के रूप में हनुमान जी की फोटो भेंट की।
हेमंत सिंह ने कहा कि पहासू प्रकरण बेहद संवेदनशील मुद्दा था, लेकिन सीओ विजय प्रकाश सिंह ने बेहद तत्परता और निष्पक्षता से नगर की शांति व्यवस्था बनाए रखी। मात्र दो दिन के अंदर आरोपियों को सलाखों के पीछे डाल दिया।