जिला कारागार में विचाराधीन बंदी ने गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
सिकंदराबाद के मोहल्ला पैंठ निवासी सईद(40) पुत्र हफीज लूट के मामले में पिछले कुछ सालों से गाजियाबाद की डासना जेल में बंद था। 1 अप्रैल 2016 को उसे जिला कारागार में लाया गया था। तब से वह जेल में है। बताते हैं कि परिवार के लोग उसकी जमानत नहीं करा रहे थे।
इसके चलते वह परिवार के लोगों से नाराज चल रहा था। शनिवार सुबह जब सईद ने शेविंग के लिए मिलने वाले ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। सईद को लहूलुहान देखकर जेल में बंदियों में हड़कंप मच गया।
सूचना पर जेल प्रशासन के लोग पहुंच गए। लहूलुहान हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि विचाराधीन बंदी सईद ने जेल में आत्महत्या का प्रयास किया। सईद इस समय मेरठ हॉस्पिटल में भर्ती है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत खतरे से बाहर है।